दाउदनगर. बिहटा-अरवल-औरंगाबाद रेललाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव ने रेलवे महाप्रबंधक हाजीपुर से मिलकर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को अति शीघ्र चालू कराने का अनुरोध किया. श्री यादव ने बताया कि वे महाप्रबंधक के बुलावे पर हाजीपुर पहुंचे और पदयात्रा में शामिल लोगों का हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन महाप्रबंधक को दिया. ज्ञापन में बताया गया है कि अरवल डीएम द्वारा भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को प्रारंभ करने के लिए एलाइनमेंट की मांग छह दिसंबर 2025 को ही की गयी है, लेकिन महाप्रबंधक कार्यालय द्वारा शिथिलता बरती जा रही है. भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी होने के कारण जनता में आक्रोश है. इसलिए सड़क पर सत्याग्रह करते हुए 19 जनवरी से 25 जनवरी तक सात दिवसीय पदयात्रा औरंगाबाद से हाजीपुर महाप्रबंधक कार्यालय तक किया गया है. उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिले में भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है, जबकि 2024 में ही 440 करोड़ की राशि एवं पूर्ण स्वीकृति दी जा चुकी है. अरवल, पालीगंज, दाउदनगर में दूसरे फेज का पूर्ण स्वीकृत एवं पूर्ण राशि 3600 करोड़ 30 सितंबर 2025 को दिया जा चुका है, फिर भी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गयी. मांग पत्र में अनुरोध करते हुए कहा गया है कि अगर चार वर्षों में रेलवे लाइन बनाना चाहते हैं, तो जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए समय सीमा निर्धारण के अंतर्गत बिहटा- औरंगाबाद रेलवे लाइन बनाया जाये. अरवल, औरंगाबाद के लोगों का एकमात्र साधन एन एच 139 है, जिस पर यातायात बाधित रहता है. श्री यादव ने कहा कि एक महीने के अंदर अगर जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को तेज करते हुए 24 मार्च से नेशनल हाईवे को बंद किया जायेगा मौके पर रेलवे संघर्ष समिति के बिंदेश्वरी प्रसाद सिंह, धनंजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र चालू करने की मांग का अनुरोध
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में देरी होने के कारण जनता में आक्रोश है
