14 को मिला प्रमाणपत्र और 11 के बने विशिष्ट दिव्यांग कार्ड

शिविर में विशेषज्ञों की देखरेख में दिव्यांगता की जांच कर मौके पर ही प्रमाण पत्र और डिजिटल कार्ड जारी किये गये

बारुण. दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सोमवार को सीएचसी बारुण में एक विशेष जांच एवं पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में विशेषज्ञों की देखरेख में दिव्यांगता की जांच कर मौके पर ही प्रमाण पत्र और डिजिटल कार्ड जारी किये गये. विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने की सघन जांच शिविर की सफलता में जिला स्तर से आये विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा. शिविर में निम्न डॉक्टरों द्वारा बच्चों की विस्तृत जांच की गई. नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ सोनम प्रभा ने दृष्टि बाधित बच्चों की आंखों की जांच कर उनकी दिव्यांगता का प्रतिशत निर्धारित किया. इएनटी विशेषज्ञ डॉ सुमित द्वारा श्रवण नि:शक्त (कान से संबंधित) बच्चों की जांच की गई. हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अनुपम कुमार इन्होंने अस्थि दिव्यांग बच्चों का शारीरिक परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श दिया. समावेशी शिक्षा के बीआरपी लाल बहादुर ने बताया कि शिविर में कुल 53 बच्चों का पंजीकरण किया गया, जिसमें डॉक्टरों की अनुशंसा पर निम्नलिखित कार्य पूर्ण हुए. 14 दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी, आठ अस्थि दिव्यांग, चार दृष्टि बाधित और दो श्रवण नि:शक्त बच्चों को मौके पर ही सर्टिफिकेट दिया गया. डिजिटल पहचान के तौर पर 11 बच्चों का यूनिक आईडी कार्ड बनाया गया. शिविर में पंजीकरण का कार्य संसाधन शिक्षक श्याम बाबू एवं राजीव कुमार ने संभाला. जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण कोषांग से सुमित कुमार व जमील अंसारी ने विभागीय समन्वय किया. मौके पर चिकित्सा प्रभारी डॉ एसके सिन्हा, बुनियादी केंद्र बारुण के ऑपरेटर चितरंजन, प्रबंधक मनीष कुमार और सूर्यदेव सिंह आदि उपस्थित थे.

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By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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