औरंगाबाद: सड़क और नाली के अभाव में 100 परिवार परेशान, ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी

79 साल बाद भी औरंगाबाद का रामपुर गांव सड़क और बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है. बरसात में गांव दलदल बन जाता है, जिससे मरीजों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं की अनदेखी को लेकर भारी रोष है.

Aurangabad News: देश जहां आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, वहीं औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड क्षेत्र के पिरथु पंचायत अंतर्गत रामपुर गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है. आजादी के दशकों बाद भी इस गांव तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को कच्चे और जर्जर रास्ते का ही सहारा लेना पड़ रहा है. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बार-बार आवेदन देने के बावजूद अब तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है.

बरसात में कीचड़ और गड्ढों से बेहाल ग्रामीण

गांव को जोड़ने वाली करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है. जगह-जगह गहरे गड्ढे बन जाने के कारण आए दिन लोग गिरकर घायल हो रहे हैं. स्थिति इतनी विकराल हो जाती है कि रास्तों पर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है.

खाट पर मरीजों को ले जाने की मजबूरी

सड़क की खराब हालत के कारण सबसे अधिक परेशानी मरीजों और गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ती है. आपात स्थिति में गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है. कई बार परिजनों को मरीजों को खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है.

बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा बुरा असर

पक्की सड़क न होने का सीधा असर गांव के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. बारिश के मौसम में रास्तों पर बने दलदल और कीचड़ के कारण छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा पाते, वहीं अभिभावक भी सुरक्षा के लिहाज से बच्चों को भेजने से कतराते हैं.

जलजमाव और बीमारियों का बढ़ता खतरा

गांव में नाली की समुचित व्यवस्था न होने से घरों का गंदा पानी रास्तों पर बहता रहता है. इससे हर तरफ दुर्गंध और कीचड़ बना रहता है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है. साथ ही बरसात के दिनों में सांप-बिच्छू का डर भी बना रहता है.

सरकारी योजनाओं की अनदेखी से रोष

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना या मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत आसानी से बनाई जा सकती है, लेकिन प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया. लगभग 100 परिवारों की आबादी वाला यह गांव आज भी विकास की बाट जोह रहा है.

जल्द सड़क न बनने पर आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अविलंब पक्की सड़क और नाली का निर्माण कराने की गुहार लगाई है. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे.

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लेखक के बारे में

Author: Vinay singh

Published by: Vikash Jha

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