औरंगाबाद जिले के रफीगंज शहर के वार्ड नंबर नौ स्थित पाल मोहल्ला में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का ऋण नहीं चुकाने पर जमीन और उस पर बने दो मंजिला मकान की नीलामी के बाद सोमवार को बैंक द्वारा आधिकारिक रूप से भौतिक कब्जा ले लिया गया. औरंगाबाद जिलाधिकारी के आदेशानुसार दंडाधिकारी सह अंचलाधिकारी सतेंद्र कुमार की देखरेख में यह पूरी कार्रवाई संपन्न की गई. इस दौरान विधि-व्यवस्था और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.
पंजाब नेशनल बैंक के प्राधिकृत अधिकारी शशीरंजन सिन्हा ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि अशोक कुमार गुप्ता ने वर्ष 2019 में उक्त संपत्ति को गिरवी रखकर करीब 9 लाख रुपये का ऋण लिया था.
इसके बाद उनके पुत्र मंटू कुमार ने 'पूजा इंटरप्राइजेज' के नाम से इसी जमीन और मकान पर वर्ष 2023 में लगभग 10 लाख रुपये का एक अन्य ऋण और ले लिया. ऋण लेने के शुरुआती दौर में कुछ राशि जमा की गई, लेकिन बाद में लोन का भुगतान पूरी तरह से बंद कर दिया गया. इसके चलते बैंक के ये दोनों ऋण खाते एनपीए (NPA) घोषित हो गए.
कई बार नोटिस भेजने के बाद भी नहीं हुआ भुगतान
अधिकारियों ने बताया कि बैंक की ओर से बकायेदारों को बकाया राशि जमा करने के लिए कई बार औपचारिक नोटिस भेजे गए, लेकिन इसके बावजूद ऋण का भुगतान नहीं किया गया. इसके बाद नियमानुसार फरवरी 2026 में उक्त संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई.
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जिलाधिकारी के निर्देश और आदेश मिलने के बाद सोमवार को बैंक की टीम ने भारी सुरक्षा के बीच जमीन और उस पर बने दो मंजिला मकान का भौतिक कब्जा अपने हाथ में ले लिया.
कार्रवाई के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद
इस पूरी जब्ती और कब्जा प्रक्रिया के दौरान बैंक की विधि अधिकारी अदिति त्रिवेदी, रफीगंज शाखा प्रबंधक धीरज कुमार वर्मा, 'स्वामी नारायण सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड' के रिकवरी पदाधिकारी कुमार सौरभ और रफीगंज थाने के एसआई राम अवधेश सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी व जवान मौजूद रहे.
