ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, वीबी जी राम जी अधिनियम पर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन

Aurangabad News : औरंगाबाद में विकसित भारत गारंटी मिशन के तहत पंच सम्मेलन आयोजित, जनप्रतिनिधियों को 125 दिनों के रोजगार और योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई.

Aurangabad News : नगर भवन में रविवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन, ग्रामीण (वीबी जी राम जी) अधिनियम-2025 को लेकर जिला स्तरीय पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार आयोजित सम्मेलन की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह ने की. इसमें त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों, मुखिया सहित जिला और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने भाग लिया. कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

एक जुलाई 2026 से प्रभावी है योजना

उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह ने सम्मेलन में वीबी जी राम जी अधिनियम के उद्देश्यों, प्रावधानों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह योजना एक जुलाई 2026 से प्रभावी है. इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान है. योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है.

ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी महत्वपूर्ण

उप विकास आयुक्त ने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. स्थानीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के आधार पर कार्यों की पहचान कर योजना तैयार की जाएगी. योजना में कार्यों को जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, ग्रामीण आजीविका तथा आपदा प्रबंधन एवं शमन जैसी चार प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है. इसके तहत कुल 318 प्रकार के कार्य चिह्नित किए गए हैं.

पंचायत प्रतिनिधियों को दी गयी जिम्मेदारियों की जानकारी

सम्मेलन में अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों को योजना निर्माण, क्रियान्वयन, निगरानी, परिसंपत्तियों के रख-रखाव, पारदर्शिता और सामाजिक जवाबदेही से जुड़ी जिम्मेदारियों की जानकारी दी. इसके साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजना, परिवारों के पंजीकरण, रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने, कार्यों के क्रियान्वयन और योजनाओं के अभिसरण की प्रक्रिया समझायी गयी.

शिकायत निवारण और सामाजिक लेखा परीक्षा पर जोर

अधिकारियों ने सम्मेलन में शिकायत निवारण और सामाजिक लेखा परीक्षा की प्रक्रिया के बारे में भी पंचायत प्रतिनिधियों को जानकारी दी. उन्होंने योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया. अधिकारियों ने कहा कि योजनाओं की निगरानी और परिसंपत्तियों के रख-रखाव में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है.

अधिकारियों ने विभिन्न पहलुओं पर दिया प्रस्तुतीकरण

इस दौरान अनुपम कुमार, निदेशक, एनईपी, डीआरडीए, अखौरी मनीष, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, वीबी जी राम जी, संजय पंडित, कार्यपालक अभियंता, राजेश कुमार चौधरी और अभिषेक कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने योजना के विभिन्न पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण दिया. जनप्रतिनिधियों ने योजना से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने जवाब दिया.

बेहतर समन्वय से सफल होगा योजना का क्रियान्वयन

अधिकारियों ने कहा कि वीबी जी राम जी अधिनियम की सफलता के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. योजना का पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र में स्थायी परिसंपत्तियों का भी निर्माण हो सके.

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By Sudhir kumar singh

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