संस्कार और संस्कृति के संरक्षण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान: सुषमा

AURANAGABAD NEWS.राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विद्या भारती के तत्वावधान में नारी सशक्तीकरण और उनके उत्थान के लिए सप्तशक्ति संगम का आयोजन नगर पंचायत अध्यक्ष प्रियंका सिंह की अध्यक्षता में किया गया.

नारी सशक्तीकरण पर सप्तशक्ति संगम का आयोजन प्रतिनिधि, नवीनगर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विद्या भारती के तत्वावधान में नारी सशक्तीकरण और उनके उत्थान के लिए सप्तशक्ति संगम का आयोजन नगर पंचायत अध्यक्ष प्रियंका सिंह की अध्यक्षता में किया गया. अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. कार्यक्रम की शुरुआत में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की मीतू कुमारी ने सप्तशक्ति संगम की प्रस्तावना देते हुए महिलाओं की परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए भूमिका पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये. कार्यक्रम प्रमुख सुषमा अग्रवाल ने कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण के संबंध में भारतीय दृष्टि पर अपने विचार साझा किये. उन्होंने कहा कि परिवार में खान-पान, सुरक्षा, दिनचर्या, जीवनशैली, संस्कार और संस्कृति के संरक्षण में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है और हमें अपनी सभ्यता व संस्कृति से अवश्य अवगत होना चाहिए. उन्होंने भारत के विकास में महिलाओं की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और कई प्रेरणादायी महिलाओं का उदाहरण प्रस्तुत किये. अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रियंका सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय संस्कारों और पारिवारिक जीवन मूल्यों को पुनर्जीवित करना है. एक नारी ही अन्य नारियों के उत्थान में सहयोगी बन सकती है और सभी को इस उद्देश्य में योगदान सुनिश्चित करना चाहिए. कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने और आयोजन में सुषमा अग्रवाल, अर्सना कुमारी, उषा कुमारी, प्रेमलता कुमारी और अनुपमा पांडेय का विशेष योगदान रहा. कार्यक्रम का संचालन अंजू कुमारी ने किया. इस दौरान प्रधानाचार्य विजय प्रकाश मिश्र और मुन्ना कुमार सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे.

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By SUJIT KUMAR

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