औरंगाबाद : ओबरा का खादी ग्राम उद्योग बदहाल, 20 वर्षों से बंद कंबल उत्पादन, संसाधनों के अभाव में खो रही पहचान

औरंगाबाद के ओबरा खादी ग्राम उद्योग की हालत पिछले 20 सालों से खराब है. कभी रोजगार का केंद्र रहा यह उद्योग आज वीरान पड़ा है, जहाँ भवन जर्जर हो चुके हैं और उत्पादन बंद है. जानिए सरकार की घोषणाओं के बावजूद क्यों है यह उद्योग उपेक्षा का शिकार.

सरकार जहां एक ओर उद्योगों को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर पुराने उद्योगों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में कमी नजर आ रही है. इसका उदाहरण औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड स्थित Obra Khadi Gram Udyog है. वर्ष 1976 के आसपास स्थापित इस उद्योग में कभी बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत थे और यहां कंबल सहित विभिन्न प्रकार के खादी वस्त्रों का उत्पादन होता था.

20 वर्षों से बदहाल है उद्योग की स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले करीब 20 वर्षों से खादी ग्राम उद्योग की स्थिति लगातार खराब होती गई है. भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और विभागीय उपेक्षा के कारण यह परिसर अब वीरान पड़ा है. कभी उत्पादन का केंद्र रहा यह उद्योग आज सांप और बिच्छुओं का ठिकाना बन गया है. संसाधनों की कमी के कारण यहां कंबल उत्पादन पूरी तरह बंद हो चुका है.

बिक्री भंडार में भी खादी वस्त्रों की कमी

पहले गया जिले के मानपुर स्थित लक्खी बाग से यहां खादी वस्त्रों की आपूर्ति होती थी, लेकिन अब वह व्यवस्था भी बंद हो चुकी है. वर्तमान में यहां केवल बिक्री भंडार संचालित हो रहा है, जहां खादी वस्त्रों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं है. स्थानीय लोग लंबे समय से बिक्री भंडार में पर्याप्त मात्रा में खादी उत्पाद उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं.

नीतीश कुमार की घोषणा भी नहीं हो सकी पूरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्ष 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ओबरा दौरे के दौरान खादी ग्राम उद्योग को विकसित करने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई. बुद्धिजीवियों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि सरकार और संबंधित विभाग गंभीर पहल करें तो यह उद्योग फिर से रोजगार और उत्पादन का बड़ा केंद्र बन सकता है.

संसाधन बढ़ाने का दिया गया आश्वासन

खादी ग्राम उद्योग के व्यवस्थापक सुरेश प्रसाद ने बताया कि वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों के अनुसार कार्य किया जा रहा है. वहीं खादी ग्राम उद्योग समिति, प्रधान कार्यालय गया के मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि संसाधन बढ़ाने के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया है. उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में पर्याप्त मात्रा में खादी वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे और ग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Brajesh divedi

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >