औरंगाबाद : दाउदनगर लोक अदालत में 584 वादों का निष्पादन, बैंक मामलों में 93 लाख रुपये का सेटलमेंट

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय दाउदनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें 584 वादों का सफलतापूर्वक निपटारा हुआ. इस दौरान बैंकों से संबंधित 93 लाख रुपये के मामलों का भी सेटलमेंट हुआ, जिसमें पारिवारिक विवादों का भी समाधान शामिल है.

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय दाउदनगर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी विकास कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अनुराग गौरव, न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी अमरेश कुमार दीपक व चंदन कुमार, न्यायकर्ता करिश्मा कुमारी, विधिक संघ दाउदनगर के अध्यक्ष शशिभूषण सिंह, सचिव रामाशीष सिंह तथा बैंक के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गठित बेंचों के माध्यम से सुलहनीय वादों एवं आपराधिक मामलों का निष्पादन किया गया.

तीन बेंचों में हुआ मामलों का निपटारा

बेंच संख्या 11 में अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी विकास कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी अमरेश कुमार एवं अधिवक्ता कृष्ण मुरारी सिंह की मौजूदगी में सुलहनीय वादों और आपराधिक मामलों का निष्पादन किया गया. इस बेंच में बीएनएसएस 126 के तहत 118 वाद, 163 के तहत 29 वाद तथा आपराधिक मामलों के 120 वादों का निपटारा हुआ.

विभिन्न मामलों का निष्पादन

बेंच संख्या 12 में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अनुराग गौरव, न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय श्रेणी चंदन कुमार एवं अधिवक्ता दिनेश कुमार के द्वारा आपराधिक मामलों के कुल 115 वादों का निष्पादन किया गया.

वहीं, बेंच संख्या 13 में न्यायकर्ता करिश्मा कुमारी एवं अधिवक्ता दिलीप कुमार के द्वारा सभी बैंकों से संबंधित कुल 202 वादों का निपटारा करते हुए लगभग 93 लाख रुपये का सेटलमेंट किया गया. तीनों बेंचों को मिलाकर कुल 584 वादों का निष्पादन हुआ.

पारिवारिक विवादों में भी बनी सहमति

राष्ट्रीय लोक अदालत में कई पुराने वादों का भी सुलह के आधार पर निपटारा किया गया. पति-पत्नी, देवर-भाभी तथा बाप-बेटे के बीच चल रहे विवादों में भी आपसी सहमति बनने के बाद वादों का निष्पादन किया गया. इसके अलावा बीएसएनएल एवं बैंक से संबंधित मामलों का भी निस्तारण किया गया.

न्यायिक अधिकारियों की अपील

अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी विकास कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वादों का निपटारा करने के साथ ही लोगों को आगामी लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय वादों के निष्पादन के लिए जागरूक किया जाएगा.

उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से अपील की कि वे आगामी लोक अदालत में अधिक संख्या में वादों के निष्पादन में सहयोग करें तथा अपने-अपने मुवक्किलों को भी जागरूक करें.

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By ओमप्रकाश

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