औरंगाबाद के किशोरी सिन्हा महिला महाविद्यालय में शनिवार को आइक्यूएसी एवं गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का विषय "बीजगणितीय आंकड़ों के माध्यम से अंतरिक्षों की ज्यामिति" रहा.
इसका उद्देश्य छात्राओं को विषयगत ज्ञान के साथ उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार एवं समकालीन अकादमिक क्षेत्र की संभावनाओं से परिचित कराना था.
अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के सीसीडीसी प्रो. डॉ. संजय कुमार तिवारी, विशिष्ट अतिथि महाविद्यालय के गणित विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. ललन कुमार सिंह एवं प्रो. अर्जुन सिंह उपस्थित रहे. मुख्य वक्ता एनआईटी दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल के सहायक प्राध्यापक डॉ. सूरजित बिस्वास ने विषय के विभिन्न अकादमिक एवं व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला.
प्राचार्य का संबोधन
प्राचार्य डॉ. कुमारी गायत्री सिंह ने कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है. उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध के प्रति रुचि विकसित करना आवश्यक है. ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के ज्ञान, आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करते हैं.
अतिथियों के विचार व प्रेरणा
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. तिवारी ने शिक्षा के साथ अनुशासन, शोध-दृष्टि और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने पर जोर दिया. विशिष्ट अतिथियों ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन किया. डॉ. सूरजित बिस्वास ने छात्राओं को निरंतर अध्ययन, जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और नवाचार के लिए प्रेरित किया.
छात्राओं की सक्रिय सहभागिता
छात्राओं ने मुख्य वक्ता से विषय से जुड़े प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया. इस शैक्षणिक कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं.
