औरंगाबाद से विनय सिंह किंकर की रिपोर्ट
Aurangabad News : मदनपुर प्रखंड अंतर्गत सलैया पंचायत के बेला गांव में शनिवार को श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ सह श्री विश्वकर्मा देव की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर भव्य कलश शोभायात्रा निकाली गई. इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया.
शनिवार की सुबह यज्ञ मंडप में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया. यात्रा में शामिल महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं, जबकि पुरुष श्रद्धालु जयघोष करते हुए वातावरण को धार्मिक उत्साह से भर रहे थे.
मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया
कलश शोभा यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होती हुई मुरली पहाड़ स्थित पवित्र सरोवर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया. इस दौरान आचार्य कृष्ण पाठक ने विधि-विधान से जलभरण की प्रक्रिया संपन्न कराई.
भक्तिमय हुआ वातावरण
यज्ञ के यजमान के रूप में कपिल ठाकुर, आमोद विश्वकर्मा, सुभाष कुमार सहित अन्य श्रद्धालु सपत्नीक उपस्थित रहे और पूरे अनुष्ठान में सक्रिय भूमिका निभाई. मंत्रोच्चार और श्रद्धालुओं की भक्ति भावना से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा.
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया. जगह-जगह ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया. पूरा बेला गांव भक्ति, श्रद्धा और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया.
कथा और प्रवचन का भी आयोजन किया जाएगा
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम कई दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, कथा एवं प्रवचन का आयोजन किया जाएगा.
इस अवसर पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष लव कुमार सिंह, समाजसेवी रजनी रंजन उर्फ पिंटू सिंह, राजू सिद्धि यादव, देवेंद्र उर्फ भोला सिंह, उप प्रमुख प्रतिनिधि उदय यादव, मुलायम यादव, चंदन कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
आयोजन से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
वहीं सलैया पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह मुस्तैद रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन से गांव में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा आपसी भाईचारा भी मजबूत होता है. कलश शोभा यात्रा के साथ ही महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल और अधिक प्रगाढ़ हो गया है.
