विधिज्ञ संघ चुनाव : हर पद पर कड़ा मुकाबला, कुल 66 प्रत्याशी मैदान में
AURANGABAD NEWS.औरंगाबाद जिला विधिज्ञ संघ के 2026–28 सत्र के लिए चुनाव में इस बार लोकतांत्रिक उत्साह चरम पर है. 27 सदस्यीय कार्यसमिति के सभी 27 पदों पर कुल 66 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है, जिससे किसी भी पद पर निर्विरोध निर्वाचित होना संभव नहीं रहा और मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया है.
27 सदस्यीय कार्यसमिति के सभी 27 पदों के लिए होगा मतदान
औरंगाबाद शहर
.औरंगाबाद जिला विधिज्ञ संघ के 2026–28 सत्र के लिए चुनाव में इस बार लोकतांत्रिक उत्साह चरम पर है. 27 सदस्यीय कार्यसमिति के सभी 27 पदों पर कुल 66 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है, जिससे किसी भी पद पर निर्विरोध निर्वाचित होना संभव नहीं रहा और मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया है. अध्यक्ष पद पर तीन उम्मीदवार- अरुण कुमार शर्मा, नागेंद्र सिंह और विजय कुमार पांडेय मुकाबले में हैं. जबकि महासचिव के एकल पद पर सर्वाधिक आठ उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कोषाध्यक्ष के लिए छह, तीन सदस्यीय उपाध्यक्ष के लिए सात, संयुक्त सचिव के लिए नौ और सहायक सचिव के लिए चार प्रत्याशी मैदान में हैं. पांच सदस्यीय वरिष्ठ कार्यकारिणी पद पर 12 और सात सदस्यीय कार्यकारिणी सदस्य पद पर 11 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा. पूर्व पदाधिकारी अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा प्रस्तुत कर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं, जबकि नये चेहरे संघ की गरिमा को ऊंचा उठाने और अधिवक्ताओं के हित में नयी पहल करने का वादा कर रहे हैं. चुनावी सरगर्मी से अधिवक्ता परिसर जीवंत हो गया है, और रणनीतियों, बैठकों और जनसंपर्क का दौर तेज चल रहा है.
12 मार्च को संघ परिसर में होगा मतदान
चुनाव समिति के अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद सिंह और सहायक सदस्य कामता प्रसाद सिंह, सरोज रंजन सिन्हा, राधेश्याम प्रसाद सिंह और अभय कुमार ने बताया कि मतदान 12 मार्च को संघ परिसर में बनाये गये तीन बूथों पर संपन्न होगा, जिसमें कुल 846 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. मतगणना 13 मार्च से शुरू होगी. पुस्तकालय अध्यक्ष, निगरानी समिति सदस्य और अंकेक्षक पद पर भी सीधी टक्कर देखने को मिलेगी. अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि इस चुनाव में संघ के इतिहास में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धा है. सभी उम्मीदवार मतदाताओं तक अपनी रणनीति और अधिवक्ताओं के हित में कार्य करने का संदेश पहुंचा रहे हैं.चुनाव परिणाम न केवल नयी कार्यकारिणी का स्वरूप तय करेंगे, बल्कि आने वाले दो वर्षों तक संघ की दिशा और कार्यशैली भी निर्धारित करेंगे. सबकी निगाहें अब 12 मार्च के मतदान और 13 मार्च से शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं.