Bishunpur Land Encroachment Aurangabad : औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव में भूमिहीन परिवारों को सरकार द्वारा आवंटित जमीन पर कथित कब्जे का मामला सामने आया है. दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर जमीन को कब्जामुक्त कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
Aurangabad News : सरकार ने दी थी जमीन, कब्जा नहीं मिला
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1990 के आसपास बिहार सरकार ने बिशुनपुर गांव के भूमिहीन मजदूर परिवारों को करीब चार एकड़ जमीन का पर्चा दिया था. लेकिन पर्चा मिलने के बावजूद अधिकांश परिवार आज तक अपनी जमीन पर कब्जा नहीं पा सके. उनका आरोप है कि दबंगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा है.
ईंट भट्ठा चलाने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन पर पिछले करीब दस वर्षों से अवैध रूप से ईंट भट्ठा संचालित किया जा रहा है. जब भी पर्चाधारी अपनी जमीन पर कब्जा लेने पहुंचते हैं, उन्हें डराया-धमकाया जाता है और मारपीट कर भगा दिया जाता है.
हत्या का भी लगाया आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2002 से पहले जमीन पर कब्जा लेने के प्रयास के दौरान चनारिक पासवान की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है और वे अपनी जमीन पर कब्जा नहीं ले सके.
डीएम को सौंपा आवेदन
शुक्रवार को योगेंद्र भुइयां, कृष्णा पासवान, मुन्ना चौधरी, प्रमोद कुमार, नागेश्वर पासवान, महावीर भुइयां, टुकसी देवी, ब्रह्मदेव भुइयां समेत दर्जनों ग्रामीण जिलाधिकारी से मिले और पूरे मामले की जांच कर जमीन को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराने तथा अवैध ईंट भट्ठा बंद कराने की मांग की.
डीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा
जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पर्चाधारियों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा.
