Aurangabad Education News: औरंगाबाद जिले के लिए बुधवार का दिन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पूरी तरह से ऐतिहासिक बन गया. जिले के ग्रामीण इलाके के छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के लिए अब एक बेहतरीन मंच मिल गया है. सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ओबरा प्रखंड के करसांव स्थित नवनिर्मित राजकीय डिग्री महाविद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया.
बेटियों के आशियाने से नजदीक कॉलेज
औरंगाबाद के इस नए महाविद्यालय के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों, खासकर छात्राओं को अब स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा. इस बेहतरीन व्यवस्था से न केवल छात्राओं के कीमती समय और उनके अभिभावकों के सीमित आर्थिक संसाधनों की बचत होगी, बल्कि उच्च शिक्षा तक बेटियों की पहुंच भी बेहद आसान बनेगी.
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
औरंगाबाद जिले के करसांव महाविद्यालय परिसर में एक भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया था. इस गरिमामयी कार्यक्रम में ओबरा के माननीय विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा, जिले की जिलाधिकारी (डीएम) अभिलाषा शर्मा, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी सहित शिक्षा विभाग के कई वरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
दीप जलाकर किया शुभारंभ
औरंगाबाद के इस भव्य कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत ओबरा विधायक और जिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर की. इसके तुरंत बाद अधिकारियों द्वारा मुख्य भवन के सामने नवनिर्मित शिलापट्ट का अनावरण किया गया. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समावेशी उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
घर के पास शिक्षा का अवसर
औरंगाबाद के इस वर्चुअल संबोधन में मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इन नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के सुचारु संचालन से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने घर के ठीक पास ही उच्च शिक्षा का सुनहरा अवसर मिलेगा. सरकार की इस दूरदर्शी नीति से राज्य में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) बढ़ेगा और बिहार के ग्रामीण युवाओं के भविष्य को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी.
क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक पहल
औरंगाबाद के ओबरा विधायक डॉ. प्रकाश चंद्रा ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि करसांव में राजकीय डिग्री महाविद्यालय की स्थापना पूरे क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर है. यह संस्थान विशेष रूप से ग्रामीण परिवारों और गरीब बेटियों के लिए एक वरदान साबित होगा, जिन्हें अब आर्थिक तंगी या दूरी के कारण अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने की मजबूरी नहीं झेलनी रहेगी.
सात निश्चय का दिखा असर
औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि करसांव, ओबरा और पूरे जिले के लिए यह एक गौरव का क्षण है. उन्होंने बताया कि बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी सात निश्चय-3.0 के तहत 'उन्नत शिक्षा – उज्ज्वल भविष्य' अभियान चलाया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य हर क्षेत्र के विद्यार्थियों को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि सामाजिक असमानता दूर हो सके.
केवल डिग्री का केंद्र नहीं
औरंगाबाद की डीएम ने अपने संबोधन के समापन पर जोर देकर कहा कि यह नवनिर्मित महाविद्यालय केवल कागज की डिग्री देने का एक साधन नहीं होगा, बल्कि ज्ञान, कौशल, नवाचार और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण युवाओं का निर्माण करेगा. उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में अनुसंधान की भावना विकसित करने का आह्वान किया और जिला प्रशासन की ओर से बुनियादी सुविधाओं के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया.
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