Aurangabad News : औरंगाबाद के कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जनेश्वर विकास केंद्र एवं महोत्सव परिवार के संयुक्त तत्वावधान में अधिवक्ता संघ सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को याद करते हुए पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया. पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति का माहौल बना रहा.
कारगिल की वीरगाथा पर वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सैनिक संघ के अध्यक्ष टीके सिंह, साहित्य संवाद के अध्यक्ष लालदेव प्रसाद, सेवानिवृत्त अधिकारी विनोद सिंह, वरिष्ठ कवि लवकुश प्रसाद सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया. लोक गायक धर्मेंद्र यादव ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं. टीके सिंह ने कारगिल युद्ध के अपने अनुभव साझा किए, जबकि सिद्धेश्वर विद्यार्थी और आदित्य श्रीवास्तव ने युवाओं से सैनिकों के शौर्य और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
कारगिल योद्धाओं को किया सम्मानित
समारोह के दूसरे सत्र में कारगिल युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिक टीके सिंह, महेंद्र सिंह और राजीव पाठक को कारगिल विजय सम्मान से सम्मानित किया गया. उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनके योगदान को नमन किया.
देशभक्ति गीतों से गूंजा सभागार
सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक गायक राम श्लोक ने "ऐ मेरे वतन के लोगों" की प्रस्तुति देकर माहौल भावुक कर दिया. इसके अलावा श्रवण कुमार, सुजीत पाल, राम श्याम सहित अन्य कलाकारों ने भी देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए. कार्यक्रम के अंत में कारगिल के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को सदैव स्मरण रखने का संकल्प लिया गया. समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, साहित्यकार, कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
