Aurangabad News : संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के पावन अवसर पर गुरुवार को बारुण प्रखंड मुख्यालय में श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला. इस अवसर पर प्रखंड मुख्यालय से मस्तूल बारुण स्थित संत रविदास मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गयी. यात्रा में प्रखंड की विभिन्न पंचायतों से आये सैकड़ों महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया.
जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने लिया सामाजिक समरसता का संकल्प
कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी के जयकारे लगाये और उनके द्वारा दिये गये सामाजिक समरसता, समानता तथा आपसी भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया. सिर पर मंगल कलश लेकर कतारबद्ध चल रहीं महिलाओं और उत्साही युवाओं के साथ निकली यात्रा ने पूरे इलाके में आपसी प्रेम, सद्भाव और एकजुटता का वातावरण बनाया.
प्रशासनिक पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
आयोजन की गरिमा उस समय और बढ़ गयी, जब प्रशासनिक पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी कलश यात्रा में सक्रिय भागीदारी दर्ज करायी. कार्यक्रम में बारुण प्रखंड विकास पदाधिकारी नीरज कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी विनोद कुमार वर्मा, रियूर पंचायत के मुखिया अशोक कुमार सिंह, भाजपा दक्षिणी मंडल अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय, भाजपा उत्तरी मंडल अध्यक्ष पारस सिंह तथा भाजपा पूर्वी मंडल अध्यक्ष सुजीत गुप्ता सहित अन्य लोग शामिल हुए.
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संत रविदास मंदिर में हुई पूजा-अर्चना
कलश यात्रा के मस्तूल बारुण स्थित संत रविदास मंदिर पहुंचने के बाद विधिवत पूजा-अर्चना की गयी. इस दौरान श्रद्धालुओं ने संत रविदास जी को नमन किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया.
समानता और भाईचारे के संदेश को बताया प्रासंगिक
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं एवं अधिकारियों ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज से भेदभाव मिटाकर समानता, प्रेम और भाईचारे का मार्ग दिखाया था. उनके विचार आज के दौर में भी अत्यंत प्रासंगिक हैं. उनके आदर्श हमें सशक्त, समतामूलक और एकजुट समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं. कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित लोगों ने संत रविदास जी के बताये आदर्शों पर चलने का संकल्प दोहराया.
