बालिकाओं को अपने हित व अधिकारों के बारे में जानना जरूरी

बारुण कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन

बारुण कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन औरंगबाद शहर. बारुण कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च विद्यालय में महिला विकास निगम द्वारा संचालित विशेष जागरूकता अभियान के तहत डीएचइडब्ल्यू द्वारा मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं व विद्यालय के शिक्षकों को महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा, अधिकारों और संरक्षण से जुड़े कानूनों, सरकारी योजनाओं तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक करना था. कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन व अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करने के साथ हुई. विद्यालय परिसर में आयोजित इस सत्र में बड़ी संख्या में छात्राएं व शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं. आयोजन में विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक उन विषयों पर चर्चा की गयी, जो आज के समय में बालिकाओं के संरक्षण और सशक्तीकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है. सत्र के दौरान सबसे पहले पॉक्सो अधिनियम की प्रमुख धाराओं पर जानकारी दी गयी, जिसमें बच्चों के विरुद्ध होने वाले लैंगिक अपराधों की परिभाषा, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, पीड़ितों के लिए उपलब्ध सुरक्षा उपाय तथा न्यायिक प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया गया. दहेज प्रतिषेध अधिनियम और घरेलू हिंसा अधिनियम पर भी प्रकाश डालते हुए बताया गया कि प्रत्येक महिला को अपने अधिकारों की जानकारी अवश्य होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में वे स्वतः को सुरक्षित रख सकें और उचित कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें. इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना सहित महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे लड़कियों की शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रमों की महत्ता पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी. छात्राओं को यह भी बताया गया कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को सुरक्षित एवं सशक्त बना सकती हैं. कार्यक्रम के एक महत्वपूर्ण हिस्से में छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी. ये दोनों हेल्पलाइन सेवाएं 24 घंटे निःशुल्क उपलब्ध रहती है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करती है. छात्राओं को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि किन परिस्थितियों में इन हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है एवं शिकायत के बाद किस प्रकार की प्रक्रिया अपनायी जाती है. इस अवसर पर डीएचइडब्ल्यू की जिला ओएससी केंद्र प्रशासिका कांति देवी ने बालिकाओं को आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान और आत्म-सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा दी. एफएलसी कंचन कुमारी, चंदन कुमार, नीलिमा (काउंसलर) तथा प्रकाश जायसवाल (केस वर्कर) ने भी सारगर्भित जानकारी देते हुए छात्राओं को जागरूक किया. विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब हर नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी, लैंगिक संवेदनशीलता, समानता और सम्मान के मूल्यों को अपनाये. पूरे कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे. आयोजन की समाप्ति पर विद्यालय प्रशासन और डीएचइडब्ल्यू टीम ने ऐसे जागरूकता अभियानों को समय-समय पर आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़े और वे अपने अधिकारों के प्रति सजग नागरिक बन सकें.

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