जिले में औद्योगिक क्षेत्र का होगा विकास, कुटुंबा में 442 एकड़ भूमि में लगेगा उद्योग

चिह्नित भूमि का आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार पटना के माध्यम से किया जायेगा अधिग्रहण

चिह्नित भूमि का आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार पटना के माध्यम से किया जायेगा अधिग्रहण अंबा. जिले में औद्योगिक क्षेत्र का विकास होगा. इसके लिए कुटुंबा प्रखंड अंतर्गत 441.79 एकड़ भूमि चिह्नित की गयी है. चिह्नित भूमि आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार पटना के माध्यम से अधिग्रहण किया जायेगा. सरकार द्वारा इसकी स्वीकृति प्रदान की गई है. मंगलवार को मंत्री परिषद की बैठक में स्वीकृति मिलने के बाद लोगों के लिए चर्चा का विषय बना है. भूमि अधिग्रहण की स्वीकृति के साथ-साथ राशि की स्वीकृति भी मिली है. सरकार द्वारा इसके लिए 284 करोड़ 28 लाख 28 हजार 415 रुपया खर्च किया जाएगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र के लिए डुमरी पंचायत के करमडीह, महसु एवं जोड़ा पर तथा कर्माबसंतपुर पंचायत के कझपा गांव में भूमि चिह्नित की गयी है. आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार द्वारा चिह्नित भूमि किसानों से अधिग्रहित किया जायेगा. इसके लिए किसानों को सरकार द्वारा तय की गयी राशि दी जायेगी. अधिकृत किये जाने से एक ओर जहां उद्योग का विकास होगा वहीं दूसरी ओर कृषि योग्य भूमि कम हो जायेगी. हालांकि, भूमि चिह्नित होने की जानकारी मिलते ही गांव के किसानों द्वारा बैठक कर भूमि नहीं दिए जाने का निर्णय लिया गया था. किसानों ने इस संबंध में लिखित जानकारी भी अंचलाधिकारी को सौंपा था. किसानों का कहना है कि विभाग द्वारा जो भूमि चिह्नित की गयी है, वह कृषि योग्य भूमि है. चिह्नित भूमि के आसपास में ही गैर कृषि योग्य भूमि है. विभाग को चाहिए कि कृषि के बजाय गैर कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण करे, ताकि हम सभी को परेशानी न हो.

उद्योग के विकास से मिलेंगे रोजगार के अवसर

उद्योग विभाग द्वारा औद्योगिक क्षेत्र का विकास किए जाने से एक ओर जहां नए रोजगार के अवसर मिलेंगे वहीं दूसरी ओर खेती किसानी समाप्त होगी. किसान कृषि योग्य भूमि औद्योगिक क्षेत्र के लिए अधिग्रहित किए जाने से काफी चिंतित है. विदित है कि डुमरी पंचायत से होकर परियोजना वाराणसी कोलकाता एक्सप्रेस-वे सड़क गुजारनी है. उक्त एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करने में कई तरह की समस्याएं आ रही है. किसान अधिक मुआवजा की मांग पर अड़े हैं. एक ओर एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फंसी है. वहीं दूसरी ओर कृषि क्षेत्र का भूमि अधिग्रहण की स्वीकृत मिलने से किसानों में असंतोष का भाव है. स्वीकृत राशि का खर्च किसानों से भूमि अधिग्रहण करने पर किया जाता है तो प्रति एकड़ 64 लाख 33 हजार रुपए से अधिक मुआवजा किसानों को मिलेगा.

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By Sujit kumar

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