औरंगाबाद के 2,664 आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाएं दुरुस्त होंगी, डीएम ने पेयजल, बिजली और शौचालय की व्यवस्था पूरी करने का दिया निर्देश

औरंगाबाद समाहरणालय में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने समेकित बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) की व्यापक समीक्षा की. उन्होंने जिले के 2664 आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल, बिजली और शौचालय की सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया.

Aurangabad News: औरंगाबाद समाहरणालय परिसर स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) की व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित संचालन, बुनियादी सुविधाओं, पोषण ट्रैकर, लाभार्थियों के ई-केवाईसी एवं फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस), टेक होम राशन (टीएचआर), हॉट कुक्ड मील (एचसीएम) तथा बच्चों के वृद्धि अनुश्रवण (ग्रोथ मॉनिटरिंग) की बिंदुवार समीक्षा की गई.

जिले में 2,664 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित

बैठक में प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 2,751 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें से 2,664 केंद्र वर्तमान में सक्रिय रूप से संचालित हो रहे हैं. मानव संसाधन और भवनों की स्थिति इस प्रकार है:

  • कार्यबल की स्थिति: वर्तमान में 2,311 सेविकाएं और 2,199 सहायिकाएं कार्यरत हैं. वहीं महिला पर्यवेक्षिकाओं (एलएस) के स्वीकृत पदों में से 83 पद भरे हुए हैं, जबकि 22 पद रिक्त हैं.
  • भवन संचालन: 950 केंद्र अपने निजी भवनों में, 666 किराये के भवनों में, 528 विद्यालय परिसर में और 520 केंद्र अन्य सरकारी भवनों में संचालित किए जा रहे हैं.
  • जमीन एनओसी: भवन निर्माण के लिए चिह्नित 318 भूमियों में से 164 मामलों में अंचलाधिकारियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिल चुका है, जबकि 154 मामले अभी लंबित हैं. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सीओ से समन्वय स्थापित कर लंबित एनओसी जल्द प्राप्त करने के निर्देश दिए.

आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आदेश

जिले में संचालित 2,664 केंद्रों में से अगस्त माह तक 2,623 केंद्रों में शौचालय, 2,539 में पेयजल तथा 2,584 केंद्रों में विद्युत की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है. जिलाधिकारी ने शेष बचे केंद्रों में भी पेयजल, बिजली और शौचालय की व्यवस्था युद्धस्तर पर पूरी करने का आदेश दिया ताकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

ई-केवाईसी और पोषण योजनाओं की स्थिति

लाभार्थियों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:

  • ई-केवाईसी और एफआरएस: कुल 2,25,263 पात्र लाभार्थियों में से 2,08,754 का आधार फेस मैचिंग पूरा किया जा चुका है, जो 92.67 प्रतिशत की उपलब्धि दर्शाता है. डीएम ने विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को कहा.
  • टीएचआर एवं एचसीएम: अगस्त माह में टेक होम राशन वितरण के तहत 1,19,989 लाभार्थियों के विरुद्ध 1,01,561 को लाभ मिला. वहीं, हॉट कुक्ड मील (गर्म पका भोजन) के तहत 91,059 में से 59,206 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया. जिलाधिकारी ने दोनों पोषण सेवाओं में शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने और सेविकाओं पर नियमित निगरानी रखने का निर्देश दिया.
  • वृद्धि अनुश्रवण: बच्चों के वजन और लंबाई मापन की दक्षता जुलाई से अगस्त के बीच 97.19 प्रतिशत से बढ़कर 97.29 प्रतिशत दर्ज की गई.

कुपोषण प्रबंधन पर विशेष जोर

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने जोर देकर कहा कि "आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण संचालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है." उन्होंने अधिकारियों को कुपोषण के मामलों की त्वरित पहचान करने, परिजनों को सही पोषण संबंधी परामर्श देने और पोषण ट्रैकर पर डेटा को रोजाना अद्यतन करने का निर्देश दिया.

समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) कुमारी अनुपम सिंह, सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा कुमार, आईसीडीएस डीपीओ विनीता कुमारी, डीपीएम (स्वास्थ्य) मो. अनवर आलम सहित सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) और अन्य संबंधित तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे.

Also Read: रफीगंज-भदवा रोड पर धावा नदी का पानी पुल के ऊपर पहुंचा, प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सुधीर कुमार सिन्हा

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >