औरंगाबाद शहर. पुलिस द्वारा चलाये जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के जरिये लोगों के चेहरे की खुशी लौट आयी. दर्जनों लोगों का पहले मोबाइल हैंडसेट गुम हो गया था. इस मामले में इनलोगों द्वारा मोबाइल सेट गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था. पुलिस की विशेष टीम द्वारा ऑपरेशन मुस्कान के तहत तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया और मोबाइल सेट बरामद कर लिया गया. शनिवार को पुलिस अधीक्षक स्वप्ना जी मेश्राम द्वारा 34 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल को बरामद किये जाने के बाद सौंपा गया. बरामद मोबाइल हैंडसेट की कीमत लगभग 8.75 लाख रुपये है. गुम मोबाइल सेट पाकर लोग काफी खुश हुए और पुलिस के प्रयासों की सराहना की. मोबाइल सुपुर्द करने से पहले उसके वास्तविक धारक का सत्यापन किया गया. इसके बाद मोबाइल सौंपा गया. इसके लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मोबाइल वितरण किया गया. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में मोबाइल फोन गुमशुदगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही थी. इससे संबंधित विभिन्न थानों में मामले दर्ज कराये गये थे. इन घटनाओं को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तकनीकी शाखा की विशेष टीम द्वारा चलाये जा रहे आपरेशन मुस्कान के तहत विभिन्न थाना और ओपी में दर्ज ऐसी घटनाओं की जानकारी एकत्रित की गयी. इसके बाद तकनीकी अनुसंधान के जरिये मई में 34 मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत आठ लाख 75 हजार रुपये है. फिर मोबाइल के वास्तविक धारकों का सत्यापन किये जाने के बाद शनिवार को वितरण किया गया. इस ऑपरेशन के तहत औरंगाबाद पुलिस आमलोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिये प्रतिबद्ध है. साथ ही इस ऑपरेशन के तहत आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी. इस विशेष टीम में सभी ओपी थानाध्यक्ष तथा जिला आसूचना इकाई के पुलिस पदाधिकारी शामिल थे. साइबर सेल की मदद से लौटे पैसे जिले में खुले साइबर सेल कारगर साबित हो रहा है. साइबर थाना के जरिये लोगों को काफी मदद पहुंच रही है. फ्रॉड के शिकार एक युवक का पैसा साइबर थाना द्वारा लौटवाया गया. साइबर सेल में पदस्थापित डीएसपी डॉ अनु कुमारी ने बताया कि पूर्व में अजय कुमार प्रजापति से 27 हजार रुपये का फ्रॉड किया गया था. शिकायत दर्ज करने के बाद कार्रवाई की. अजय को 22 हजार रुपये वापस कराया गया है. इसी तरह दाउदनगर के वार्ड नंबर 24 निवासी राजेश कुमार का मोबाइल कुछ दिनों पूर्व चोरी हो गया था. साइबर सेल की मदद से उनके मोबाइल को बरामद कर लिया गया. इस तरह के कई अन्य मामले हैं, जिसका सफल निष्पादन साइबर सेल द्वारा किया गया.
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