दाउदनगर. स्वर्ण व्यवसायियों की लंबे समय से चले आ रहे गंभीर संकट पर बिहार पुलिस ने सकारात्मक पहल किया है. बिहार पुलिस प्रशासन द्वारा धारा 411 एवं 412 के दुरुपयोग पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है, जिससे जिले सहित पूरे राज्य के स्वर्ण व्यवसायियों को बड़ी राहत मिली है. इस निर्णय को लेकर ओबरा के विधायक डॉ प्रकाश चंद्र ने कैट बिहार के अध्यक्ष अशोक वर्मा एवं पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के प्रति समस्त स्वर्ण व्यवसायियों की ओर से आभार व्यक्त किया है. विधायक ने कहा कि लंबे समय से यह देखने को मिल रहा था कि किसी चोर के मात्र यह कह देने पर कि उसने चोरी का सामान अमुक दुकानदार को बेचा है, बिना समुचित जांच के स्वर्ण व्यवसायियों की गिरफ्तारी कर ली जाती थी. इससे ईमानदार व्यवसायी मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित हो रहे थे. कैट के नेतृत्व में इस गंभीर समस्या को मजबूती से उठाया गया, जिसके बाद पुलिस महानिदेशक के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के परिणामस्वरूप यह तय किया गया कि ऐसे मामलों में अब जांच एसपी एवं डीएसपी स्तर के अधिकारी करेंगे. आवश्यकता पड़ने पर ही थाना स्तर पर पूछताछ होगी. जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यवसायी की गिरफ्तारी नहीं की जायेगी. विधायक ने बताया कि पूर्व में लोग अपने माता-पिता या पूर्वजों से प्राप्त पुराने जेवरात बेचने आते थे, जिनके कागजात उपलब्ध नहीं होते थे. बाद में यदि वही सामान चोरी का निकलता, तो दुकानदार को जेल भेज दिया जाता था. इस दुविधा को समझते हुए अब व्यवसाइयों को न्यायसंगत संरक्षण दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय पर औरंगाबाद के स्वर्ण व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद से भी मुलाकात की गयी थी. प्रतिनिधिमंडल में दाउदनगर के स्वर्णकार आभूषण व्यवसायी संघ के अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र सर्राफ, उपेंद्र सहित कई लोग शामिल थे. पुलिस अधीक्षक ने भी आश्वासन दिया था कि बिना जांच किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी तथा साथ ही व्यवसायियों से अपील की गयी कि वे खरीदे गये सामान के विक्रेताओं का आधार सत्यापन सुरक्षित रखें, जिससे असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा सके.
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