संविधान के मूल्यों का पालन करते हुए कर्तव्यों का निर्वहन करें अधिकारी : डीएम

अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक स्वर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया

अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक स्वर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया औरंगाबाद शहर. संविधान दिवस पर बुधवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत के संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों में जागरूकता, निष्ठा व जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना था. डीएम ने संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया. प्रस्तावना में वर्णित मूल संवैधानिक आदर्श न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुत्व को दोहराते हुए डीएम ने सभी अधिकारियों व कर्मियों को इस बात की शपथ दिलायी कि वे अपने आधिकारिक व व्यक्तिगत आचरण में इन मूल्यों का पालन करते हुए ईमानदारी, पारदर्शिता व समर्पण के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे. सभाकक्ष में उपस्थित सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने एक स्वर में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया. पूरा वातावरण राष्ट्रभावना, जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के संकल्प से ओत-प्रोत हो उठा. सहभागी अधिकारियों ने भी माना कि संविधान दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आत्ममंथन और सेवा भाव से काम करने की प्रेरणा देने वाला अवसर है. इस मौके पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता (जिला लोक शिकायत निवारण) जयप्रकाश नारायण, अपर समाहर्ता (विशेष शाखा), अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रत्ना प्रियदर्शिनी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान संविधान के महत्व पर डीएम ने कहा कि संविधान देशवासियों की सामूहिक आकांक्षाओं, संघर्षों और आदर्शों का जीवंत प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र का प्रत्येक सदस्य संविधान की मूल भावना को समझकर ही प्रभावी शासन और जनसेवा का निर्वहन कर सकता है. डीएम ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनता को उपलब्ध करायी जाने वाली सेवाओं में सुधार, समयबद्धता, पारदर्शिता व संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. संविधान में निहित अधिकारों एवं कर्तव्यों के अनुपालन के लिए प्रशासन की सतर्कता और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है. कार्यक्रम के अंत में डीएम ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संविधान के संरक्षण तथा उसके सिद्धांतों के पालन की दिशा में निरंतर सजग और कर्तव्यनिष्ठ रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि संविधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता ही सुशासन, सामाजिक न्याय व समावेशी विकास का आधार है.

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By SUJIT KUMAR

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