बाल विवाह को दूर करने में शिक्षा का अहम योगदान : सचिव
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत अनुग्रह मध्य विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
By SUJIT KUMAR | Updated at :
औरंगाबाद ग्रामीण. बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने के लिए शिक्षा सबसे सशक्त माध्यम है. बिना शिक्षा के इस बुराई को मिटाना संभव नहीं है. ये बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने कहीं. वे पीएमश्री अनुग्रह मध्य विद्यालय में आयोजित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विशेष जागरूकता सह सेमिनार को संबोधित कर रही थीं. कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में किया गया. वैसे कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया. इससे पहले विद्यालय के बच्चों ने उत्साह के साथ अतिथियों का स्वागत किया. प्रधानाचार्य उदय कुमार सिंह ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल को सम्मानित किया.
अभियान की दी गयी जानकारी
कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने उपस्थित छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की जानकारी दीं. उन्होंने बताया कि बाल विवाह को रोकने के लिए कानूनी प्रावधानों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है. वहीं, उप मुख्य कानूनी बचाव अधिवक्ता अभिनंदन कुमार ने बाल विवाह से जुड़े विभिन्न कानूनों, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की भूमिका तथा सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने छात्रों को जागरूक रहते हुए किसी भी गलत परंपरा के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया.
एक गलत कदम से हो सकता है नुकसान : तान्या पटेल
प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने छात्राओं को स्नेहपूर्वक बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल बच्चों का बचपन छीन लेता है, बल्कि उनके भविष्य को भी अंधकार की ओर धकेल देता है. शिक्षा के माध्यम से ही बच्चियां स्वयं को सशक्त बना सकती हैं और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकती हैं. उन्होंने शिक्षिकाओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि बच्चों को सही और गलत के फर्क के बारे में समय रहते समझाना आवश्यक है. एक गलत निर्णय न केवल बच्चे, बल्कि पूरे परिवार के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. शिक्षक-शिक्षिकाओं को बच्चों की मानसिक स्थिति और समस्याओं को समझते हुए उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करने की विशेष जिम्मेवारी निभानी होगी.
सौ दिवसीय अभियान के तहत व्यापक जागरूकता
गौरतलब है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद द्वारा सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. इस अभियान के अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों के साथ-साथ घर-घर जाकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है, ताकि समाज से इस कुप्रथा को पूरी तरह समाप्त किया जा सके.