दाउदनगर नगर पर्षद के रैकिंग में हुआ सुधार

दाउदनगर नगर पर्षद को राज्य स्तर पर मिला 25वां व राष्ट्रीय स्तर पर 578वां रैंक

दाउदनगर नगर पर्षद को राज्य स्तर पर मिला 25वां व राष्ट्रीय स्तर पर 578वां रैंक

प्रतिनिधि, दाउदनगर.

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में नगर पर्षद दाउदनगर को राज्य स्तर पर 25 वां और नेशनल स्तर पर 578 वां रैंक प्राप्त हुआ है. यह रैंक 50 हजार से तीन लाख की आबादी वाले शहरों के सर्वेक्षण के आधार पर मिला है. सिटी रिपोर्ट कार्ड में डोर टू डोर पूरा कलेक्शन में 42 प्रतिशत, स्रोत पृथक्करण में 28 प्रतिशत, कचरा उत्पादन प्रसंस्करण में 99 प्रतिशत, डंपसाइट के उपचार या शोधन यानी कूड़े के ढेर को साफ करना में शून्य प्रतिशत अंक मिला है. राहत की बात यह है कि आवासीय एरिया की स्वच्छता, मार्केट एरिया की स्वच्छता एवं वाटर बॉडीज की स्वच्छता के मामले में नगर पर्षद दाउदनगर को सौ प्रतिशत अंक मिले हैं. पब्लिक टॉयलेट की स्वच्छता के मामले में 50 प्रतिशत अंक मिले हैं. नगर पर्षद दाउदनगर के टाउन स्वच्छता पदाधिकारी अमन कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष नेशनल रैंकिंग में दाउदनगर नगर पर्षद 3422 वें स्थान पर था. इस बार इसमें काफी सुधार हुआ है और इस बार नेशनल रैंकिंग में 578 वें स्थान पर है .स्टेट रैंकिंग में देश के 142 शहरों में 25 वें स्थान पर आया है.

अगली बार और बेहतर अंक लाने का होगा प्रयास

मुख्य पार्षद अंजलि कुमारी ने कहा कि अगली बार स्वच्छ सर्वेक्षण में और बेहतर रैंक लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जायेगा. बेहतर साफ-सफाई का प्रबंध किया जाएगा. स्वच्छता के प्रति नगर पर्षद हर संभव प्रयास कर रही है.स्वच्छता साथी की नियुक्ति की गई है. स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है. डोर टू डोर कूड़ा का उठाव किया जा रहा है.कचरा निस्तारण की व्यवस्था की गई है. तीन सार्वजनिक शौचालय का निर्माण शहर में कराया गया है. शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास एवं उपाय किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब कचरा पीट मशीन लगाया जाएगा,जिससे प्लास्टिक और कपड़ा के कचरे को अलग-अलग किया जाएगा. इससे मिट्टी भी अलग हो जाएगी, जो भरावट में काम आयेगी.

स्वच्छ सर्वेक्षण का है लक्ष्य

स्वच्छ सर्वेक्षण का लक्ष्य बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और शहरों में रहने के लिये बेहतर स्थान बनाने की दिशा में मिलकर काम करने के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना है. एमओएचयूए द्वारा 2016 से किये जाने वाला स्वच्छता सर्वेक्षण दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है. यह शहरों और कस्बों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने और नागरिकों को उनके सेवा वितरण में सुधार करने और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

स्वच्छ सर्वेक्षण में लिया गया फीडबैक

स्वच्छता सर्वेक्षण की केंद्रीय टीम ने आकर जिले के चारों नगर निकायों में सर्वेक्षण किया था. सिटीजन फीडबैक लिया गया था. ऑनलाइन सर्वे भी किया गया था. नगर निकायों द्वारा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. नुक्कड़ नाटक जागरूकता अभियान समेत अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से भी स्वच्छता के प्रति शहरवासियों को जागरुक करने का कार्य किया जा रहा है.

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By Sujit kumar

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