औरंगाबाद में किसानों की मांगों को लेकर दाउदनगर में प्रदर्शन, पीएम और सीएम का पुतला फूंका

Aurangabad News : दाउदनगर में अखिल भारतीय किसान महासभा ने केंद्र और बिहार सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और मोदी-सम्राट चौधरी का पुतला फूंका.

Aurangabad News : अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर किसानों की विभिन्न ज्वलंत मांगों को लेकर दाउदनगर में विरोध प्रदर्शन किया गया. अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और बिहार सरकार की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की गयी. प्रदर्शनकारियों ने भखरुआं मोड़ चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया.

माले कार्यालय से निकला जुलूस

कार्यक्रम की शुरुआत भाकपा माले के दाउदनगर प्रखंड कार्यालय से हुई. यहां से पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक हाथों में झंडे एवं तख्तियां लेकर जुलूस की शक्ल में भखरुआं मोड़ चौराहे की ओर रवाना हुए. इस दौरान किसानों की मांगों के समर्थन में नारे लगाये गये और सरकार से उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की गयी.

एमएसपी की कानूनी गारंटी देने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका के साथ कृषि व्यापार समझौता बंद करने की मांग की. साथ ही सी2 प्लस 50 प्रतिशत की दर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग उठायी गयी. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है.

सैटेलाइट टाउनशिप और लैंडपुलिंग नीति वापस लेने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार द्वारा सैटेलाइट टाउनशिप के नाम पर कृषि भूमि लिये जाने पर रोक लगाने की मांग की. साथ ही सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना और लैंडपुलिंग नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की गयी. नेताओं ने विकास योजनाओं के नाम पर बिना समुचित मुआवजा और पुनर्वास के कृषि भूमि का अधिग्रहण बंद करने की भी मांग उठायी.

सस्ती खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने किसानों को रासायनिक खाद और उर्वरक सस्ते दामों पर उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गयी. नेताओं ने कहा कि महंगे कृषि इनपुट के कारण किसानों की लागत बढ़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है.

उचित मुआवजा और पुनर्वास के बिना जमीन अधिग्रहण का विरोध

वक्ताओं ने कहा कि किसानों की जमीन उनकी आजीविका का प्रमुख आधार है. विकास के नाम पर उचित मुआवजा और पुनर्वास दिये बिना कृषि भूमि का अधिग्रहण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जायेगा. किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य, एमएसपी की कानूनी गारंटी और सस्ती खाद-उर्वरक उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है.

जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान

वक्ताओं ने कहा कि किसानों की जमीन और अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. किसान अपनी जमीन, फसल के उचित दाम और सम्मानजनक जीवन के अधिकार के लिए संगठित होकर संघर्ष जारी रखेंगे.

ये लोग रहे मौजूद

प्रदर्शन में भाकपा माले राज्य कमेटी सदस्य चंद्रमा पासवान, पूर्व जिला सचिव जनार्दन प्रसाद, जिला कमेटी सदस्य राजकुमार भगत, पिंटू मेहता, अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रखंड सचिव दूधेश्वर मेहता, पासुराम सिंह, दिनेश प्रसाद, कैश खान, रामरूप प्रसाद, चंदन पासवान, फकीरचन यादव, रामचंद्र चौहान, रामजन्म मेहता समेत अन्य लोग मौजूद रहे.

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By Om Prakash

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