Aurangabad News: शादी समारोह के लिए बैंड का सट्टा करने के बाद तय तिथि पर सेवा उपलब्ध न कराना एक बैंड संचालक को काफी महंगा पड़ गया. औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अभिजीत राय ने नगर थाना क्षेत्र से जुड़े एक परिवाद मामले में अभियुक्त के आत्मसमर्पण सह जमानत आवेदन को नामंजूर करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है.
शादी में बैंड न भेजने का मामला
जानकारी के अनुसार, परिवाद पत्र संख्या-429/24 के सूचक जिला विधिज्ञ संघ के अधिवक्ता कमाख्या नारायण सिंह हैं. उन्होंने अपने पुत्र के विवाह समारोह के लिए सदर अस्पताल के समीप स्थित 'न्यू मिलन बैंड' के संचालक मो. नौशाद से बैंड बजाने की बुकिंग की थी. आरोप है कि निर्धारित तिथि पर बैंड उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे विवाह समारोह की पूरी व्यवस्था प्रभावित हुई और परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
जमानत अर्जी खारिज, भेजा गया जेल
परिवादी का आरोप है कि बैंड संचालक ने सट्टा के नियमों का पालन न करते हुए उनके साथ आपराधिक विश्वासघात किया, जिसके बाद उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए व्यवहार न्यायालय में परिवाद दायर किया था. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया था. इसके बाद अभियुक्त ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत की गुहार लगाई, लेकिन दंडाधिकारी ने मामले की गभीरता को देखते हुए जमानत आवेदन अस्वीकार कर दिया और अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दे दिया.
