मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्तमान बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई.
बैठक में औरंगाबाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, सिविल सर्जन डॉ कृष्णा कुमार, जिला आपदा प्रभारी अंतरा कुमारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी समाहरणालय स्थित एनआईसी सभा कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.
राज्य में बाढ़ स्थिति की समीक्षा की गई
समीक्षा के दौरान राज्य में वर्तमान बाढ़ की स्थिति एवं संचालित राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी ली गई. बताया गया कि राज्य के 17 जिले, 56 प्रखंड/अंचल, 199 पंचायत एवं 456 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं.
बाढ़ से प्रभावित आबादी 7,93,688 तथा प्रभावित परिवारों की संख्या 1,71,688 है. अब तक 1,553 लोगों का सुरक्षित निष्क्रमण कराया गया है. राहत एवं बचाव कार्यों के तहत 55 चिकित्सा शिविर, 35 पशु चिकित्सा शिविर एवं 7 बाढ़ राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं.
सामुदायिक रसोई व राहत राशि की व्यवस्था
तीन सितंबर तक सामुदायिक रसोई के माध्यम से 67,140 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है. इसके अलावा पॉलीथीन शीट, सूखा राशन पैकेट सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्रियों की उपलब्धता एवं वितरण की भी समीक्षा की गई.
बैठक में बाढ़ प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राहत के रूप में वर्ष 2023 से प्रति परिवार 7000 रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी गई. यह राशि डीबीटी के माध्यम से लाभुक के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है.
औरंगाबाद में आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी
डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार औरंगाबाद जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ एवं आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं. जिले में 12 नावें उपलब्ध हैं, जिनका आवश्यकता के अनुसार उपयोग किया जा सकता है.
इसके अलावा 2,359 पॉलीथीन शीट उपलब्ध हैं. आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार राहत सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है. जिला स्तर पर एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की एक टीम उपलब्ध है.
जनसाधारण से सावधानी बरतने की अपील
बैठक में आमजनों को बाढ़ एवं जलजमाव की संभावित परिस्थितियों के प्रति जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया. लोगों से नदी एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने, तैराकी एवं स्नान से बचने की अपील करने को कहा गया.
जिला प्रशासन ने आमलोगों से अपील की है कि आपदा एवं बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना के लिए प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
