औरंगाबाद से धीरज झा की रिपोर्ट
Hindi Diwas 2026 : हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को अम्रपाली कला केंद्र, औरंगाबाद में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. भारत सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जिले के सभी 11 प्रखंडों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. विभिन्न प्रतियोगिताओं और विधाओं में बच्चों ने उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए चुना गया.
11 प्रखंडों से पहुंचे प्रतिभागी
कार्यक्रम में जिले के सभी 11 प्रखंडों से बच्चे अपने शिक्षक और अभिभावकों के साथ पहुंचे. प्रतिभागियों ने अलग-अलग विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर कार्यक्रम को जीवंत बना दिया. प्रतियोगिताओं में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था.
जिला शिक्षा पदाधिकारी रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी दया शंकर सिंह मौजूद रहे. उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया और हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ उनके शिक्षक और अभिभावक भी शामिल हुए.
प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए निर्णायक मंडल में शंभू सिंह, अभय कुमार, संजीव कुमार सिंह, गोविंदा सर समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे. निर्णायकों ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया और बेहतर प्रदर्शन करने वालों का चयन किया.
सैय्यद फरहाना कादरी ने किया मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षिका सैय्यद फरहाना कादरी ने किया. उन्होंने कहा कि मंच संचालन की जिम्मेदारी मिलना उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण रहा. उन्होंने कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक डॉ. निरंजय की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
हिंदी हमारी पहचान और संस्कृति से जुड़ी भाषा
कार्यक्रम के दौरान हिंदी के महत्व पर भी चर्चा की गयी. वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और भावनाओं से जुड़ी अभिव्यक्ति है. हिंदी बोलने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए. सभी को हिंदी के सम्मान और प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर प्रयास करने का संकल्प लेना चाहिए.
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों के उत्साह और प्रदर्शन की सराहना की गयी. बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त हुआ.
