Aurangabad News : औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड के बेढ़ना गांव में एक मासूम की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है. खेलते-खेलते अचानक नहर में गिरे छोटे ऋतिक कुमार का शव करीब 17 घंटे की लंबी तलाश के बाद बरामद किया गया. इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है, वहीं पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.
जानकारी के अनुसार, यह घटना ढिबरा थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव की है. मृतक ऋतिक कुमार गांव निवासी जितेंद्र भुईया का बेटा था. बताया जा रहा है कि ऋतिक नहर के किनारे खेल रहा था. इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह उत्तर कोयल नहर के तेज बहाव में गिरकर बह गया. घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मासूम पानी में ओझल हो गया.
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई. परिजन और ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू कर दी. लेकिन नहर का तेज बहाव और गहराई के कारण शुरुआती कोशिशों में कोई सफलता नहीं मिली.
घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन, फिर मिली सफलता
घटना के बाद प्रशासन भी सक्रिय हुआ. एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया. इसके साथ ही स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने मिलकर लगातार खोजबीन जारी रखी. रात भर चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में हर किसी की नजर नहर पर टिकी रही. परिजन हर गुजरते पल के साथ उम्मीद और डर के बीच झूलते रहे.
करीब 17 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार ऋतिक का शव नहर से बरामद किया गया. जैसे ही शव मिला, मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और परिवार में चीख-पुकार मच गई.
पुलिस ने संभाली स्थिति, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
घटना की सूचना मिलते ही ढिबरा थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.
परिजनों को मिलेगा मुआवजा, प्रशासन ने दिया भरोसा
इस दुखद घटना के बाद प्रशासन की ओर से भी सहायता का आश्वासन दिया गया है. अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि सरकारी नियमों के तहत मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही मुआवजा जल्द उपलब्ध कराया जाएगा.
गांव में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम की मौत से पूरे गांव में मातम का माहौल है. हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है. ऋतिक के घर में चीख-पुकार मची हुई है. माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं, लेकिन इस गहरे दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है.
