चुनावी खर्चे का बिल व रसीद सुरक्षित रखें प्रत्याशी, वरना होगी परेशानी

औरंगाबाद, नवीनगर व कुटुंबा के प्रत्याशियों के व्यय लेखा की व्यय प्रेक्षक ने की जांच

औरंगाबाद, नवीनगर व कुटुंबा के प्रत्याशियों के व्यय लेखा की व्यय प्रेक्षक ने की जांच फोटो- 23- प्रत्याशियों के व्यय लेखा की जांच करते पदाधिकारी प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के चुनावी खर्चे की सख्त निगरानी की जा रही है. इसी क्रम में गुरुवार को औरंगाबाद, नवीनगर और कुटुंबा विधानसभा के वैध प्रत्याशियों के व्यय पंजी की जांच की गयी. इस दौरान आवश्यक निर्देश भी दिये गये. विधानसभा चुनाव के सफल, निष्पक्ष व पारदर्शी संचालन की दिशा में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की सतत समीक्षा व अनुश्रवण किया जा रहा है. इसी क्रम में आयोग से नियुक्त व्यय प्रेक्षक इशाक रीमान खड़कोगर ने औरंगाबाद, नवीनगर व कुटुंबा विधानसभा क्षेत्रों के वैध उम्मीदवारों के निर्वाचन व्यय लेखा की जांच की. यह जांच जिला मुख्यालय स्थित वाणिज्यकर कार्यालय में संचालित निर्वाचन व्यय लेखा कोषांग में हुई. व्यय अनुश्रवण कोषांग के नोडल पदाधिकारी सह राज्य कर संयुक्त आयुक्त रवि रंजन आलोक, ज्ञानी दास, राज्य कर सहायक आयुक्त गुंजन कुमार, अनामिका कुमारी, राज्य कर सहायक उपायुक्त संतोष कुमार, सहायक व्यय प्रेक्षक, व्यय लेखा संधारण दल तथा संबंधित प्रत्याशियों एवं उनके अभिकर्ता उपस्थित रहे. व्यय प्रेक्षक ने प्रत्येक प्रत्याशियों द्वारा संधारित शैडो ऑब्जर्वेशन रजिस्टर, कैश बुक, वाउचर बुक, प्रचार सामग्री व्यय रजिस्टर, वाहन उपयोग विवरण तथा वीडियो निगरानी प्रकोष्ठ से प्राप्त रिपोर्ट का विस्तारपूर्वक परीक्षण किया. जांच के क्रम में व्यय प्रेक्षक खड़कोगर ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक व्यय मद निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित प्रारूप एवं मानकों के अनुरूप दर्ज है या नहीं. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्याशी एवं उनके लेखा एजेंट प्रतिदिन के सभी व्यय की प्रविष्टि शैडो रजिस्टर में करें. उसे समय-समय पर निर्वाचन व्यय प्रकोष्ठ में प्रस्तुत करें, ताकि व्यय की पारदर्शिता बनी रहे. व्यय प्रेक्षक ने प्रत्याशियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रचार-प्रसार से संबंधित सभी प्रकार के व्यय जैसे- पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स, पंपलेट, जनसंपर्क रथ, जनसभा, लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया प्रचार एवं वाहन उपयोग आदि का लेखा-जोखा साक्ष्य सहित संधारित किया जाये. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित व्यय सीमा का उल्लंघन न किया जाये तथा प्रत्येक खर्च की रसीद व बिल सुरक्षित रखी जाये, ताकि जांच के समय किसी प्रकार की असंगति नहीं हो. व्यय अभिलेखों की करें तुलनात्मक जांच इस समीक्षा के दौरान व्यय प्रेक्षक ने व्यय अनुश्रवण कोषांग के नोडल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे नियमित अंतराल पर प्रत्याशियों के व्यय अभिलेखों की तुलनात्मक जांच करते रहें. यदि किसी प्रकार की विसंगति पायी जाती है, तो उसकी रिपोर्ट तत्काल उनके समक्ष प्रस्तुत की जाये. उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता व उत्तरदायित्व सर्वोपरि है. इसीलिए, सभी प्रत्याशियों से अपेक्षा है कि वे चुनावी व्यय से संबंधित प्रत्येक निर्देश का अक्षरशः पालन करें. अनुश्रवण में अधिकारियों व कर्मियों की भूमिका अहम व्यय प्रेक्षक ने इस दौरान निर्वाचन व्यय अनुश्रवण से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका को अहम बताते हुए सराहना की और कहा कि उनके द्वारा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य किया जा रहा है. उन्होंने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कार्यरत वीडियो निगरानी टीम, वीडियो व्यूइंग टीम, स्टेटिक सर्विलांस टीम एवं एक्सपेंडिचर ऑब्जर्वेशन टीम के बीच समन्वय स्थापित कर व्यय अनुश्रवण को और अधिक प्रभावी बनाया जाये. बैठक के अंत में व्यय प्रेक्षक ने सभी उपस्थित प्रत्याशियों एवं उनके अभिकर्ताओं को यह आश्वस्त किया कि निर्वाचन आयोग की मंशा सभी के लिए समान अवसर प्रदान करना है. ऐसे में आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विश्वसनीय निर्वाचन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि औरंगाबाद जिले में लोकतंत्र के महापर्व को शांति, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न किया जा सके.

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