बिहार के इस जिले में बनेगा 19 KM लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बाईपास, लोगों को जाम से मिलेगी राहत
Expressway In Bihar: औरंगाबाद में रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए बाईपास निर्माण की तैयारी फिर तेज हो गई है. विभाग की ओर से 19 किलोमीटर लंबे नए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे शहरवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
Expressway In Bihar: बिहार के औरंगाबाद शहर को लंबे समय से जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है. खासकर एनएच-139 के शहर के बीच से गुजरने की वजह से रोजाना भारी वाहनों और आम ट्रैफिक का दबाव बना रहता है. इसी समस्या से राहत दिलाने के लिए एक बार फिर बाईपास निर्माण की पहल शुरू हुई है.
शहर के बीच से गुजरने वाले एनएच-139 पर दिनभर ट्रक, हाइवा और ट्रेलर चलते रहते हैं. इससे शहर में अक्सर लंबा जाम लग जाता है और आम लोगों को काफी परेशानी होती है. इसी को देखते हुए पहले भी बाईपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका.
पहले चरण में 9 किलोमीटर का भेजा गया था प्रस्ताव
पहले चरण में करीब 9 किलोमीटर लंबे बाईपास का प्रस्ताव बनाकर NHAI, नई दिल्ली को भेजा गया था. यह बाईपास शहरी इलाके से होकर गुजरने वाला था. इसमें भूमि अधिग्रहण की लागत काफी अधिक आ रही थी. इसी वजह से इस योजना को रोक दिया गया. उस समय अनुमानित लागत करीब 835 करोड़ रुपए थी, जिसमें 490 करोड़ भूमि अधिग्रहण और 345 करोड़ सड़क निर्माण पर खर्च होने थे. योजना रद्द होने से शहरवासियों को निराशा हुई थी.
नए प्रस्ताव में 19 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने की तैयारी
अब विभाग की ओर से नए सिरे से बाईपास निर्माण की योजना बनाई गई है. नए प्रस्ताव के तहत करीब 19 किलोमीटर लंबा बाईपास बनाने की तैयारी है. यह बाईपास नगर परिषद क्षेत्र से बाहर से गुजरेगा, जिससे शहर के अंदर के ट्रैफिक पर असर नहीं पड़ेगा. भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं करना पड़ेगा और जाम से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.
जाम की समस्या से मिलेगी राहत
प्रस्तावित बाईपास खैरी मोड़ से शुरू होकर मंजुराही, रायपुरा और पवई गांवों से होते हुए भड़कुर गांव के पास अंबा की ओर जाने वाली सड़क से एनएच-139 से जुड़ेगा. यह पूरा मार्ग शहरी क्षेत्र के बाहर रहेगा, जिससे शहर में रोज लगने वाले जाम की समस्या कम होगी.
नए एलाइन्मेंट का डीपीआर तैयार
फिलहाल नए एलाइन्मेंट का डीपीआर तैयार किया जा चुका है. इसे जल्द ही एनएचएआई को भेजा जाएगा. एनएचएआई जिस डीपीआर को मंजूरी देगा, उसी के आधार पर आगे निर्माण कार्य शुरू होगा. औरंगाबाद में रोजाना ओवरब्रिज, जीटी रोड, रामाबांध बस स्टैंड और सर्विस रोड के आसपास जाम की स्थिति बनी रहती है. कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.
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