शनिवार को ऑल बिहार टीचर्स एसोसिएशन जिला शाखा औरंगाबाद ने सातवें वेतन आयोग के अनुरूप पूर्ण वेतनमान के लिए प्रदर्शन किया. प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि विद्यालय अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों की बिहार लोक सेवा आयोग से नियुक्ति होने तथा राज्यकर्मी बनाने के बावजूद बिहार सरकार ने पूर्ण वेतनमान से वंचित रखा है.
यह शिक्षकों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है. एक तरफ जहां शेष कर्मियों को राज्य सरकार एक जनवरी 2026 के प्रभाव से आठवां वेतन आयोग का लाभ प्रदान करने जा रही है, वहीं हमें अभी तक सातवां वेतन आयोग का भी लाभ नहीं मिल पाया है.
प्रदेश अध्यक्ष का बयान
प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने मांग की कि राज्य सरकार राज्यकर्मी बनने की तिथि से पूर्ण वेतनमान प्रदान करे और नियमित शिक्षकों की भांति विद्यालय अध्यापकों, प्रधानाध्यापकों एवं विद्यालय सहायकों को भी पूर्ण वेतनमान दे. इससे शिक्षकों की वेतन एवं सेवा शर्तों में एकरूपता आएगी, जिससे बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी.
जिलाध्यक्ष व सचिव की प्रतिक्रिया
जिलाध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि राज्य सरकार हमारी मांगों को नहीं मानकर हमें आंदोलनरत होने के लिए बाध्य कर रही है. जिला सचिव अभय कुमार गुप्ता ने कहा कि एक तरफ सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है तथा केरल और दिल्ली मॉडल को शिक्षा जगत में लागू करना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ बीपीएससी से बहाल विद्यालय अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों को आधा-अधूरा वेतनमान एवं सुविधाएं प्रदान कर रही है.
वेतनमान की दोषपूर्ण नीति
प्रधानाध्यापक विनय कुमार गुप्ता ने कहा कि वेतनमान से संबंधित सरकार की दोषपूर्ण नीति से शिक्षक बेहद परेशान हैं और इसका अविलंब समाधान किया जाना चाहिए.
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख शिक्षकगण
इस प्रदर्शन में सह सचिव प्रमोद कुमार रवि, प्रधानाध्यापक धीरज कुमार, नवल किशोर शर्मा, चंद्र प्रकाश गुप्ता, मोहम्मद असलम, विद्यालय अध्यापक दीपक कुमार सिंह, अवकाश कुमार, उज्ज्वल कुमार, मुकेश कुमार, विवेक कुमार, रवि शंकर तिवारी, मोहम्मद अरशद अंसारी, संतोष कुमार, नीरज कुमार नागर, अरुण कुमार, अविनाश कुमार, सुनील कुमार, रंजीत कुमार, मनीष कुमार, हुसैन कमाल, सेतु कुमार, जितेंद्र शर्मा, प्रदीप कुमार दास, अशोक कुमार, मुन्ना कुमार सिंह आदि शामिल थे.
