Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने पुलिस कार्यालय सभागार में अपराध समीक्षा बैठक की. इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सभी एसडीपीओ, डीएसपी, सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष और विभिन्न तकनीकी शाखा प्रभारियों ने भाग लिया.
सक्रिय पुलिसिंग पर विशेष जोर
बैठक में जिले में सक्रिय पुलिसिंग को और मजबूत बनाने के लिए 21 बिंदुओं पर आधारित विशेष निर्देश जारी किए गए. एसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर अपराधियों में भय और आम लोगों में सुरक्षा का माहौल बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि वारंटी, फरार अभियुक्तों और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जाए.
बैंक और एटीएम पर गश्त
जिले के सभी बैंकों, एटीएम (ATM) और सीएसपी (CSP) केंद्रों के आसपास नियमित गश्त सुनिश्चित करने के साथ रात गश्ती के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच करने का निर्देश दिया गया. एसपी ने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्र की पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे. इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी.
आधा घंटे में जांच शुरू
बैठक में फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निपटारा करने, आवेदन प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने तथा एफआईआर (FIR) के महज 30 मिनट के अंदर अनुसंधान शुरू करने पर विशेष जोर दिया गया. इसके साथ ही थानों में दर्ज विभिन्न कांडों की सात दिनों के भीतर समीक्षा करने और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया.
वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन
एसपी ने बाइक चोरी सहित अन्य चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष चेकिंग अभियान चलाने, गुंडा पंजी एवं डोजियर का नियमित सत्यापन करने, लंबित वारंट, कुर्की और इश्तेहार के निष्पादन तथा हत्या, लूट, डकैती और पॉक्सो जैसे गंभीर मामलों में वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए भी विशेष टास्क दिया गया.
दंगाइयों के खिलाफ कड़ा एक्शन
पुलिस टीम पर हमला करने और सांप्रदायिक दंगों से जुड़े मामलों के फरार अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए भी विशेष अभियान चलाने को कहा गया. बैठक में सड़क दुर्घटना से जुड़े मामलों को आई-रेड/डीएआर (iRAD/DAR) पोर्टल पर समय से अपलोड करने और सात वर्ष से अधिक सजा वाले गंभीर मामलों में फोरेंसिक और वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए गए.
भूमि विवाद बैठक अनिवार्य की
इसके अलावा प्रत्येक शनिवार को अंचल स्तर पर आयोजित होने वाली भूमि विवाद निवारण बैठक में थानाध्यक्षों की अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया. एसपी ने जेल से छूटे गंभीर और पेशेवर अपराधियों की नियमित निगरानी करने और न्यायालय से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके.
