औरंगाबाद: रफीगंज के मेह व शेखपुरा में बनेगा 150 मेगावाट का सोलर पार्क, बैटरी स्टोरेज से मिलेगी निर्बाध बिजली

Aurangabad News: औरंगाबाद को जल्द ही 150 मेगावाट की ग्रिड-संलग्न सोलर पार्क परियोजना से बड़ी ऊर्जा खुशखबरी मिलेगी. रफीगंज के मेह व शेखपुरा गांव में बनने वाला यह पार्क बैटरी स्टोरेज सिस्टम से लैस होगा. यह परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी.

Aurangabad News: जिले के लिए ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी खुशखबरी सामने आई है. रफीगंज प्रखंड के मेह एवं शेखपुरा गांव में प्रस्तावित 150 मेगावाट ग्रिड-संलग्न सोलर पार्क परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. गुरुवार को केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से औरंगाबाद की जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा सहित ऊर्जा विभाग के तमाम वरीय अधिकारी शामिल हुए. समीक्षा के दौरान बताया गया कि 150 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ 40 मेगावाट एवं 160 मेगावाट-घंटा क्षमता की आधुनिक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) भी विकसित की जाएगी. यह प्रणाली दिन में उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को पूरी तरह संग्रहित करेगी.

शाम को मिलेगी निर्बाध बिजली

यह अत्याधुनिक बैटरी सिस्टम शाम के पीक आवर्स में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा. इससे लोकल बिजली ग्रिड अधिक विश्वसनीय बनेगा, पारंपरिक कोयला ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता घटेगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर वोल्टेज और निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी. यह परियोजना बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे केंद्रीय मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2026 को सैद्धांतिक स्वीकृति दी है.

दो वर्ष में पूरा होगा लक्ष्य

प्रशासन द्वारा इस सोलर प्लांट के निर्माण की समय-सीमा दो वर्ष निर्धारित की गई है. परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का जिम्मा सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SECI) को परामर्शी एजेंसी के रूप में सौंपा गया है. डीपीआर में तकनीकी, वित्तीय, पर्यावरणीय, भूमि विकास, ट्रांसमिशन कनेक्टिविटी और बैटरी स्टोरेज समेत सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया जाएगा.

औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा

बैठक के बाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी विभागीय समन्वय, भूमि उपलब्धता, आधारभूत संरचना, अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना औरंगाबाद ही नहीं बल्कि पूरे बिहार के लिए स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी. इससे क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा.

स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को बल

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, पीएम कुसुम योजना, यूएलए योजना तथा राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि औरंगाबाद का यह आधुनिक सोलर पार्क राज्य में स्वच्छ, सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने और बिहार के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा.

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Author: Sudhir kumar singh

Published by: Vikash Jha

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