नक्सलियों की बड़ी साजिश फेल, औरंगाबाद में पहाड़ के नीचे दबा मिला करबाइन और विस्फोटकों का जखीरा

Aurangabad: औरंगाबाद में पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत ऑपरेशन चलाकर पहाड़ी इलाके से आईईडी, डेटोनेटर और कार्बाइन बरामद किए. नक्सलियों द्वारा छिपाए गए इन हथियारों को सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए रखा गया था.

Aurangabad: बिहार के औरंगाबाद जिले में नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया. पुलिस अधीक्षक (SP) अंबरीश राहुल के निर्देश पर आजन थाना की टीम ने इलाके के दक्षिणी हिस्से में छापेमारी की. इस अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी. बड़ा कियारी पहाड़ पर तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए कई खतरनाक हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं.

एसएचओ राहुल कुमार ने क्या जानकारी दी

एसएचओ राहुल कुमार ने बताया कि खोज अभियान के दौरान 2.5 किलोग्राम का एक दबाव आईईडी, 37 डेटोनेटर और एक देशी कार्बाइन बरामद की गई है. ये सभी सामान पहाड़ी इलाके में छिपाकर रखे गए थे.

उन्होंने बताया कि बरामद डेटोनेटर को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया. पुलिस ने बताया कि इन हथियारों को नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से छिपाया था.

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जारी रहेगा नक्सल विरोधी अभियान

पुलिस लगातार इलाके में शांति बनाए रखने और लोगों के बीच डर खत्म करने के लिए नक्सल विरोधी अभियान चला रही है. इस तरह की कार्रवाई से नक्सल गतिविधियों पर काफी हद तक रोक लगी है.

इस अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और जिला पुलिस बल के जवानों ने मिलकर काम किया. थाना के उप निरीक्षक माघव सिंह भी टीम के साथ मौजूद रहे. पुलिस ने कहा कि आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे, ताकि इलाके में पूरी तरह शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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