औरंगाबाद जिले में पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें आगे बढ़ाने की कवायद तेज हो गई है. पंचायत खेल क्लबों को सक्रिय कर नियमित खेल गतिविधियां संचालित करने और उभरते खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए शनिवार को जिला खेल भवन के सभा कक्ष में बैठक हुई. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा एवं खेल विभाग, बिहार सरकार के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला खेल पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी ने की.
सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश
बैठक में औरंगाबाद प्रखंड की विभिन्न पंचायतों के खेल क्लबों के अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों ने भाग लिया. जिला खेल पदाधिकारी ने सभी क्लबों को सक्रिय रूप से कार्य करने और पंचायत स्तर पर नियमित खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि खेल क्लब केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि युवाओं को मैदान तक लाने में प्रभावी भूमिका निभाएं.
खिलाड़ियों का रजिस्टर तैयार करना
बैठक में सभी पंचायत खेल क्लबों को रजिस्टर संधारित करने का निर्देश दिया गया. इसमें पंचायत के उभरते खिलाड़ियों तथा विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा.
इससे खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण, प्रतियोगिता और आगे बढ़ने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
एसजीएफआई और मशाल प्रतियोगिता
आगामी एसजीएफआई एवं मशाल प्रतियोगिता को लेकर भी खिलाड़ियों की तैयारी कराने का निर्देश दिया गया. पंचायत स्तर पर नियमित अभ्यास, प्रतियोगिताओं और खेल के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया.
जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि अगले सप्ताह जिले के अन्य प्रखंडों के पंचायत खेल क्लबों के सदस्यों के साथ भी बैठक होगी.
व्यापक स्तर पर खेल को बढ़ावा
इसके जरिए जिलेभर में पंचायत खेल क्लबों को सक्रिय कर खेल गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की योजना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी कला दिखाने का बेहतर अवसर मिल सके.
