औरंगाबाद कार्यालय. एनटीपीसी नवीनगर की स्टेज-टू विस्तार परियोजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में यूनिट चार बॉयलर के प्रथम कॉलम की स्थापना की गयी. क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (पूर्वी क्षेत्र-वन) विजय गोयल ने प्रथम कॉलम की स्थापना की. परियोजना के स्टेज-2 के तहत 800-800 मेगावाट की तीन नयी इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है. इसके साथ नवीनगर एनटीपीसी की कुल उत्पादन क्षमता 1980 मेगावाट (स्टेज-1) और 2400 मेगावाट (स्टेज-2) यानी कुल 4380 मेगावाट हो जायेगी. फिलहाल एनटीपीसी से 1980 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिसमें से बिहार को 82.5 प्रतिशत यानी 1634 मेगावाट बिजली मिल रही है. स्टेज-2 के पूर्ण होते ही यह संयंत्र देश का दूसरा सबसे बड़ा थर्मल पावर प्लांट बन जायेगा. स्टेज-2 के अंतर्गत लगायी जाने वाली सभी इकाइयां अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित होंगी. इसमें बॉयलर का तापमान अधिक होता है, जिससे कम कोयले में अधिक बिजली का उत्पन्न किया जा सकता है. इसके अलावा ड्राइ बॉटम ऐश हैंडलिंग सिस्टम का प्रयोग होगा, जिससे राख प्रबंधन में पानी की खपत घटेगी.
वर्ष 2009 में शुरू हुई थी इकाई की स्थापना
वर्ष 2009 में नौ अगस्त को एनटीपीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई नवीनगर सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (एसटीपीपी) की स्थापना हुई थी. प्रारंभ में यह एनटीपीसी की सहायक कंपनी थी, जिसका 2022 में एनटीपीसी में पूर्ण विलय कर दिया गया. स्टेज-1 का निर्माण 31 मार्च 2013 को आरंभ हुआ था. पहली यूनिट से छह अगस्त 2019 को वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हुआ था, तो वहीं दूसरी यूनिट से 23 जुलाई 2021 और तीसरी यूनिट से उत्पादन एक जून 2022 को शुरू हुआ था.
