औरंगाबाद में मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम, घंटों ठप रहा आवागमन

Aurangabad News: औरंगाबाद के ओबरा में सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर दाउदनगर-बारुण रोड जाम कर दिया. प्रशासन ग्रामीणों को समझाने में जुटा है.

Aurangabad News: (ब्रजेश द्विवेदी) औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के दाउदनगर-बारुण रोड स्थित तेजपुरा लख के पास रविवार देर शाम हुए भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के बाद सोमवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने और दुर्घटना संभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम कर दिया. इसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया.

कार और ऑटो की टक्कर में गई थी दो लोगों की जान

जानकारी के अनुसार रविवार शाम एक तेज रफ्तार कार ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी थी. हादसा इतना भीषण था कि ऑटो सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नौ अन्य लोग घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है.

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पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा शव, बढ़ा आक्रोश

सदर अस्पताल, औरंगाबाद में पोस्टमार्टम के बाद जब मृतकों का शव गांव पहुंचा तो परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.

सड़क सुरक्षा उपायों की उठाई मांग

ग्रामीणों का आरोप है कि तेजपुरा लख के पास का क्षेत्र लंबे समय से दुर्घटना संभावित बना हुआ है. यहां अक्सर सड़क हादसे होते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा संबंधी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. लोगों का कहना है कि सड़क किनारे न तो पर्याप्त चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही स्पीड कंट्रोल या रेडियम जैसी सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने की मांग

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था तथा सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय तत्काल लागू करने की मांग की.

प्रशासन ग्रामीणों को समझाने में जुटा

सड़क जाम की सूचना मिलने पर ओबरा अंचलाधिकारी हरिहरनाथ पाठक और थानाध्यक्ष नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया.

संवाद भेजे जाने तक सड़क जाम जारी था तथा प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता चल रही थी.

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Published by: Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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