रोहिणी नक्षत्र में धान की नर्सरी तैयार करने में जुटे किसान, औरंगाबाद में 1.72 लाख हेक्टेयर खेती का लक्ष्य

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले और कुटुंबा प्रखंड में रोहिणी नक्षत्र के अंतिम चरण में साधन-संपन्न किसानों ने लंबी अवधि वाले धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने का काम शुरू कर दिया है. सोमवार से सूर्य के मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही कृषि कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है.

Aurangabad News (औरंगाबाद से अम्बुज पांडेय की रिपोर्ट ) :
रोहिणी नक्षत्र के अंतिम चरण में जिले के प्रगतिशील और साधन-संपन्न किसान लंबी अवधि वाले धान की नर्सरी तैयार करने की तैयारियों में पूरी तरह जुट गए हैं. आज सोमवार से भगवान सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्यों में और तेजी आने की प्रबल उम्मीद है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र लंबी अवधि की फसलों के लिए बिचड़ा लगाने का सबसे महत्वपूर्ण और उत्तम नक्षत्र माना जाता है. समय बीतने के साथ ही लंबी अवधि वाले धान का बिचड़ा गिराने की मियाद कम होती जा रही है, जिसके कारण सिंचाई संसाधनों से युक्त किसान बेहद मुस्तैदी से खेतों को तैयार कर धान की नर्सरी डालने में लग गए हैं.

बारुण के प्रीतमपुर में 7029 किस्म के धान से शुरुआत, कुटुंबा के कई गांवों में हलचल तेज

वर्तमान में औरंगाबाद जिले के विभिन्न भागों के साथ-साथ कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में अभी केवल इक्के-दुक्के साधन-संपन्न किसानों के खेतों में ही बिचड़ा दिखाई दे रहा है. जानकारी के अनुसार, जिले के बारुण प्रखंड अंतर्गत प्रीतमपुर गांव में किसानों ने प्रसिद्ध 7029 किस्म के धान का बिचड़ा गिराकर इस सीजन की खेती की विधिवत शुरुआत कर दी है. प्रीतमपुर गांव के किसान राजेश पांडेय, अमित कुमार, आलोक पांडेय और रामविनय पांडेय ने अगात (अगेती) धान की रोपाई के उद्देश्य से रविवार को ही बिचड़ा डाल दिया है. हालांकि, प्रीतमपुर का पूरा भूभाग असिंचित है और वहां के किसान पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोटर तथा प्रकृति (बारिश) पर आश्रित हैं.

इधर, कुटुंबा प्रखंड के रामपुर गांव निवासी सेवानिवृत्त बीएओ रामचंद्र सिंह, बुमरू गांव के प्रो. संजय कुमार सिंह, रसलपुर के शिवनाथ पांडेय तथा सूही गांव के रामनरेश सिंह सहित कई सक्षम किसान भी अपनी नर्सरी तैयार कर रहे हैं. इन किसानों का मानना है कि अगात खेती करने से समय पर रोपाई होती है, पौधों को पर्याप्त विकास अवधि मिलती है और पैदावार बेहतरीन होती है.

भीषण गर्मी और तपती मिट्टी बनी बाधा, आर्द्रा नक्षत्र और बारिश के इंतजार में आम किसान

एक तरफ जहां साधन-संपन्न किसान आधुनिक संसाधनों के बल पर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जिले के उत्तरी सोन नहर क्षेत्र के आम किसानों ने अभी तक धान का बिचड़ा नहीं गिराया है. झारखंड सीमा से सटे देव, कुटुंबा, मदनपुर और नवीनगर प्रखंडों के अधिकांश सामान्य किसानों ने इस बार आर्द्रा नक्षत्र में बिचड़ा गिराने का मन बनाया है. इसके पीछे वर्तमान मौसम की प्रतिकूलता को मुख्य कारण माना जा रहा है. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण खेतों की मिट्टी अत्यधिक गर्म हो गई है, जिससे नमी पूरी तरह गायब है. सूर्य की तीखी किरणें इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी बेहाल कर रही हैं. ऐसे विषम हालातों में बिना सिंचाई वाले सामान्य किसानों के लिए धान की नर्सरी बचाना बेहद कठिन है. इसलिए किसान अब मौसम में बदलाव और झमाझम वर्षा की आस लगाए बैठे हैं.

जिले में 1.72 लाख हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य, अभी 1 फीसदी से कम गिरा बिचड़ा: DAO

धान की खेती के इस शुरुआती सीजन और प्रशासनिक तैयारियों के संबंध में जानकारी देते हुए औरंगाबाद के जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) संदीप राज ने बताया कि विभाग द्वारा इस बार जिले के विभिन्न प्रमंडलों और प्रखंडों के अंतर्गत कुल 1.72 लाख हेक्टेयर भूमि में धान की फसल लगाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस तय लक्ष्य के अनुपात में कुल 17,200 हेक्टेयर भूमि में धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार की जानी अनिवार्य है.

जिला कृषि पदाधिकारी ने जमीनी हकीकत साझा करते हुए बताया कि मौसम की बेरुखी और अत्यधिक तापमान के कारण जिले में अभी तक कुल लक्ष्य के मुकाबले 1 प्रतिशत से भी कम भूमि पर बिचड़ा गिराया गया है. उम्मीद है कि आगामी मानसून की पहली बारिश होते ही इस आंकड़े में तेजी से उछाल आएगा और विभाग किसानों को हर संभव तकनीकी सहायता देने के लिए तैयार है.

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Published by: Suryakant Kumar

सूर्यकांत कुमार प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर हैं. डिजिटल मीडिया में तीन वर्षों का अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल चैनल न्यूज रील्स से की. इसके बाद नेशन दर्पण और खबरिया जंक्शन में कार्य किया, जहां कंटेंट राइटिंग, वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर से जुड़े विभिन्न कार्यों का अनुभव हासिल किया. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. वर्तमान में वे स्थानीय (हाइपरलोकल) खबरों पर काम कर रहे हैं. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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