Aurangabad News : (विनय सिंह किंकर) औरंगाबाद जिले के मदनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. सरकारी अस्पताल में यह सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को मजबूरन निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है.
स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर उठ रहे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे कर रही है, लेकिन मदनपुर सीएचसी में अल्ट्रासाउंड जैसी बुनियादी जांच सुविधा का अभाव जमीनी हकीकत को उजागर करता है. लोगों का कहना है कि इस कमी के कारण मरीजों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.
निजी जांच केंद्रों में 800 से 1000 रुपये तक खर्च
अस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को निजी क्लीनिकों में 800 से 1000 रुपये तक खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है.
गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक दिक्कत
अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव का सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है. नियमित जांच के लिए उन्हें निजी केंद्रों या दूर स्थित अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को इस दिशा में शीघ्र ठोस पहल करनी चाहिए.
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
लोगों ने जल्द सुविधा बहाल करने की उठाई मांग
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मदनपुर सीएचसी में जल्द अल्ट्रासाउंड मशीन और विशेषज्ञ चिकित्सक की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि मरीजों को सरकारी अस्पताल में ही जांच की सुविधा मिल सके.
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
संजय सिंह भोक्ता ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं होने से मरीजों को आर्थिक परेशानी होती है और इस दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है.
राजकुमार सिंह का कहना है कि डॉक्टर अस्पताल से अल्ट्रासाउंड लिखते हैं, लेकिन मरीजों को बाहर जाकर मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है. स्वास्थ्य विभाग को सीएचसी में यह सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए.
सरिता देवी ने कहा कि अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव में मरीजों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है और अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए.
विपिन कुमार सिंह ने बताया कि मारपीट जैसे मामलों में भी मरीजों को बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है और उसी रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक चोट का आकलन करते हैं. उन्होंने इसे विभागीय उदासीनता बताया.
क्या बोले प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी
मदनपुर सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में फिलहाल अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं है. इस संबंध में विभाग को पत्र भेजा गया है और सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है.
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