औरंगाबाद से अम्बुज पांडेय की रिपोर्ट :
Aurangabad News :
हाल के दिनों में अलग-अलग जगहों पर हुई अग्निकांड घटनाओं के मद्देनजर अग्निशमन विभाग ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है. राज्य अग्निशमन पदाधिकारी, बिहार, पटना के निर्देश पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. इस क्रम में सोमवार को औरंगाबाद जिले के प्रमुख होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, अस्पताल और नर्सिंग होमों का सघन निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं में कमियां पाई गईं, जिसके बाद संबंधित प्रबंधन को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर सुधार करने का निर्देश दिया गया है.
होटलों का किया गया निरीक्षण
जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान में सहायक जिला अग्निशमन पदाधिकारी जयराम सिंह, अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी सोनाली कुमारी, प्रधान अग्निक रोहित राज, अग्निक चालक मंजीत कुमार पाण्डेय व अग्निक सोनू कुमार शामिल रहे. अधिकारियों की टीम द्वारा होटल स्काई व्यू, शुभम इंटरनेशनल तथा मृगनयनी होटल समेत कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया. इस क्रम में अधिकारियों ने फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, फायर एक्सटिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट, फायर एग्जिट साइन बोर्ड, इवैक्यूएशन प्लान और आपदा की स्थिति में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रियाओं व अग्नि सुरक्षा संसाधनों की बारीकी से जांच की.
मानकों की अनदेखी पर होगी सीलिंग की कार्रवाई
जांच के दौरान उक्त संस्थाओं में उपकरण मौजूद मिले, लेकिन उनके रख-रखाव और संचालन में खामियां पाई गईं. जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि कमियों को तत्काल सुधार का निर्देश देते हुए 15 दिन का समय दिया गया है. निश्चित समय सीमा के अंदर सभी आवश्यक मानकों का अनुपालन नहीं किया गया तो संबंधित होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, अस्पताल एवं नर्सिंग होम के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि उक्त संस्थानों के अतिरिक्त गंगा हॉस्पिटल, अनुशीला हॉस्पिटल, अंजनेरी हॉस्पिटल तथा सुनंदा नर्सिंग होम सहित अन्य प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों का भी निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन का निर्देश दिया गया है.
मरीजों और परिजनों की सुरक्षा के लिए दिए गए निर्देश, आगे भी जारी रहेगा अभियान
आपात स्थिति में मरीजों और परिजनों को सुरक्षित बाहर निकालने की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि लोगों के जीवन और संपत्ति की रक्षा से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है. हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में होटल और अस्पतालों में हुई आगजनी की घटनाओं ने यह साबित किया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. इसी उद्देश्य से जिले में यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि सभी सार्वजनिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो सके.
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों में इसी प्रकार का निरीक्षण अभियान जारी रहेगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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