औरंगाबाद में खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग का बड़ा एक्शन, गोदाम सील, लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा

Aurangabad News : औरंगाबाद के दाउदनगर के एकौनी स्थित ‘गौतम खाद और बीज भंडार’ पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. उर्वरक के स्टॉक में अंतर पाए जाने पर गोदाम को सील कर दिया गया है और विक्रेता का लाइसेंस निलंबित करते हुए 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा गया है.

दाउदनगर से ओम प्रकाश की रिपोर्ट :
Aurangabad News :
अवैध उर्वरक भंडारण और खाद की कालाबाजारी के मामलों में कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. विभाग ने जिले के दाउदनगर के एकौनी स्थित गौतम खाद एवं बीज भंडार के संचालक गौतम कुमार के विरुद्ध कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग ने प्रतिष्ठान संचालक से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. इसके साथ ही उनके उर्वरक विक्रय लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए सक्षम प्राधिकार के समक्ष लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा भी की गई है.

गुप्त सूचना पर कृषि विभाग की टीम ने मारा छापा, गोदाम किया गया सील

जानकारी के अनुसार, बुधवार को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर कृषि विभाग की टीम ने गौतम खाद एवं बीज भंडार में औचक निरीक्षण किया. जांच दल में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रजनीकांत भारती, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार तथा उर्वरक निरीक्षक सह कृषि समन्वयक राकेश रंजन कुमार शामिल थे. निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों को अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया गया है. इसके बाद दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया गया. बाद में अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश के आलोक में जब्ती सूची तैयार करते हुए बरामद उर्वरकों को सील कर उसी गोदाम में सुरक्षित रखा गया है.

पॉस मशीन और भौतिक स्टॉक में मिला भारी अंतर

कृषि विभाग की जांच में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध उर्वरकों की मात्रा में बड़ा अंतर पाए जाने की बात सामने आई है. विभाग का मानना है कि यह उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है. अनुमंडल कृषि पदाधिकारी द्वारा जारी नोटिस में प्रथम दृष्टया अवैध कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम अभाव उत्पन्न कर मुनाफाखोरी किए जाने की आशंका व्यक्त की गई है. इसी आधार पर लाइसेंस को निलंबित करते हुए उसे रद्द करने की अनुशंसा की गई है.

दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई, व्यवसायियों में हड़कंप

विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. कृषि विभाग की इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के उर्वरक व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है. प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितता के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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By Kumarsuryakant

सूर्यकांत कुमार तीन वर्षों से हिंदी डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं. स्थानीय और हाइपरलोकल पत्रकारिता में विशेष अनुभव रखते हैं. कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ वीडियो एडिटिंग और वॉयस ओवर का भी व्यावहारिक अनुभव रखते हैं. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत एक डिजिटल न्यूज चैनल से की और विभिन्न डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कार्य करते हुए समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया है. इसके अलावा खेल और मनोरंजन से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं.

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