औरंगाबाद/रफीगंज. रफीगंज थाना क्षेत्र के सिमरा जमशेद गांव के पास आम के पेड़ के नीचे पटना के युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गयी. मृतक की पहचान पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के मोर गांव निवासी 31 वर्षीय गोविंद विश्वकर्मा के रूप में हुई है. घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया. युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, जबकि पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी है. बताया जाता है कि गोविंद अपनी पत्नी के साथ गया जिले के भदईया गांव में पत्नी के ननिहाल में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था. 25 अप्रैल को मामा सनोज विश्वकर्मा की बेटी की शादी थी, जिसमें वह परिवार के साथ शामिल हुआ. शादी के बाद भी दो दिनों तक वहीं रुका रहा. 27 अप्रैल को उसने काम पर लौटने की बात कही और वहां से निकल गया.
चाय पीकर लौटने की बात कहकर निकला, फिर नहीं लौटा
परिजनों के अनुसार गोविंद गया शहर के गांधी मैदान के पास एक फर्नीचर दुकान में काम करता था. घटना वाले दिन उसने दुकान मालिक दयानंद से 10 मिनट में चाय पीकर लौटने की बात कही और निकल गया, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा. इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई.
छात्रों ने आम के पेड़ के नीचे देखा शव
सिमरा जमशेद गांव से रफीगंज की ओर पढ़ने जा रहे कुछ छात्रों ने रास्ते में आम के पेड़ के नीचे एक व्यक्ति को पड़ा देखा. पास जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी. छात्रों ने स्थानीय लोगों और मृतक के साले विक्रम को सूचना दी. परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान गोविंद विश्वकर्मा के रूप में की गयी. मृतक की पत्नी पूनम ने कहा कि गोविंद शराब पीने का आदी था और संभवतः खाली पेट शराब पी लेने के बाद लू लगने से उसकी मौत हुई. उसने यह भी दावा किया कि शराबबंदी के बावजूद आसानी से शराब उपलब्ध हो जाती है. पत्नी के इस बयान के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है
