बारुण. राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित जवाहर सेतु (गेमन पुल) पर पिछले एक महीने से अधिक समय से जारी अव्यवस्था अब एक राजमिस्त्री की जान ले बैठी. पुल पर हुए सड़क हादसे में राजमिस्त्री की मौत हो गयी. इस घटना ने न केवल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिये हैं, बल्कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच भी गहरा आक्रोश है. मृतक की पहचान बारुण थाना क्षेत्र के बर्डी खुर्द निवासी 55 वर्षीय हीरालाल राम के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार हीरालाल राम रोज की तरह बुधवार सुबह साइकिल से मजदूरी के लिए निकले थे. वह राजमिस्त्री का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. जैसे ही वह गेमन पुल के पास पहुंचे, जाम और अव्यवस्था के बीच किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया. हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गयी. एनएचएआइ की टीम ने उन्हें आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है. घटना के बाद बर्डी खुर्द के मुखिया प्रतिनिधि मंजीत कुमार ने एनएचएआइ और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि यह मौत साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही का परिणाम है. उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से अधिक समय से गेमन पुल पर जॉइंट सस्पेंशन की मरम्मति का काम चल रहा है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गयी है. न तो उचित ट्रैफिक डायवर्जन है और न ही पर्याप्त सुरक्षा गार्ड तैनात किये गये हैं. इसी अव्यवस्था और जाम के कारण एक गरीब परिवार ने अपना सहारा खो दिया. कुछ दिन पहले भी इसी तरह एक शिक्षक की मौत हो चुकी है.
ज्वाइंट सस्पेंशन का काम बना परेशानी
एनएच-19 पर जवाहर सेतु के ज्वाइंट सस्पेंशन की मरम्मति का कार्य लंबे समय से चल रहा है. एक लेन बंद होने के कारण यातायात बेहद धीमा हो गया है. जाम और अव्यवस्था के बीच छोटे वाहन और साइकिल सवार जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं. हीरालाल राम की मौत की खबर से बर्डी खुर्द गांव में मातम छा गया है. ग्रामीणों के अनुसार वह बेहद सरल और मेहनती व्यक्ति थे. परिवार में कोहराम मचा हुआ है. ग्रामीणों ने मांग की है कि गेमन पुल पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाये, ताकि भविष्य में कोई और इस तरह की अव्यवस्था की भेंट न चढ़े.
