Aurangabad News: औरंगाबाद जिले में डेंगू एवं चिकनगुनिया की रोकथाम तथा नियंत्रण को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. बैठक में विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर 'डेंगू मुक्त औरंगाबाद' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए. डीएम ने कहा कि डेंगू से बचाव में सरकारी प्रयासों के साथ जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है.
सभी विभागों को सौंपे गए दायित्व, स्वच्छता और जागरूकता पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निकायों को नियमित साफ-सफाई, जलजमाव वाले स्थानों की पहचान कर निकासी, कबाड़ व निर्माणाधीन स्थलों पर पानी जमा न होने देने तथा नियमित फॉगिंग व एंटी-लार्वा छिड़काव कराने का निर्देश दिया. शिक्षा विभाग को सभी विद्यालयों में हर शनिवार 'ड्राई डे' मनाने और विद्यार्थियों के जरिए घर-घर जागरूकता संदेश पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई. पंचायती राज विभाग, जीविका और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में व्यापक अभियान चलाने पर बल दिया गया. इसके अलावा पीएचईडी को पाइपलाइन लीकेज ठीक करने तथा स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध मरीजों की सघन जांच व सर्वेक्षण के निर्देश मिले.
इस वर्ष अब तक केवल सात डेंगू मरीज मिले
बैठक के दौरान जिले में डेंगू की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक जिले में कुल 7 डेंगू पॉजिटिव मामले सामने आए हैं, जबकि बीते वर्ष 2025 में यह संख्या 58 थी. जिलाधिकारी ने फॉगिंग मशीन, जांच किट, टेमीफॉस और ब्लीचिंग पाउडर की उपलब्धता की समीक्षा की तथा सभी तैयारियां अपडेट रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यदि हर नागरिक अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दे, तो इन बीमारियों पर आसानी से काबू पाया जा सकता है.
