Aurangabad News : ट्रैक्टर ट्रॉली के गुप्त तहखाने से 233.5 लीटर शराब बरामद

Aurangabad News: ट्रॉली के नीचे वेल्डिंग कर बनाया था खुफिया तहखाना, पुलिस भी हैरान

बारुण. बिहार में शराबबंदी कानून को धता बताने के लिए तस्कर किस तरह नई तकनीक और शातिर तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसका चौंकाने वाला मामला बारुण थाना क्षेत्र में सामने आया है. बारुण थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर चंदर बिगहा रोड स्थित धमनी मोड़ के पास एक ट्रैक्टर ट्रॉली में बने गुप्त तहखाने का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में शराब बरामद की है. पुलिस ने लाल रंग के ट्रैक्टर के डाला टेलर (ट्रॉली) के नीचे बनाये गये खुफिया बॉक्स से 233.5 लीटर शराब जब्त की है. इसमें 218.5 लीटर विदेशी शराब और बीयर तथा 15 लीटर देसी शराब शामिल है.

ऊपर से खाली, नीचे छिपा था शराब का जखीरा

बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत एसआइ अंकित कुमार क्षेत्र में गश्त कर रहे थे. इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि धमनी मोड़ के पास एक लाल रंग के ट्रैक्टर की ट्रॉली में विशेष रूप से गुप्त तहखाना बनाकर शराब की खेप ले जायी जा रही है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की. वहां सड़क किनारे एक संदिग्ध ट्रैक्टर खड़ा मिला. हालांकि, पुलिस को देखते ही चालक मौके से फरार हो गया. पुलिस ने जब ट्रॉली की जांच की तो ऊपर से वह पूरी तरह खाली नजर आयी. शुरुआती जांच में किसी तरह की संदिग्ध वस्तु दिखाई नहीं दी.

हाइड्रोलिक सिस्टम ने खोला राज

थानाध्यक्ष ने बताया कि ट्रॉली को उठाकर नीचे जांच करने के लिए हाइड्रोलिक सिस्टम चालू किया गया, लेकिन वह ठीक से काम नहीं कर रहा था. इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर और ट्रॉली को जब्त कर थाना परिसर लाया. थाना परिसर में बारीकी से जांच करने पर ट्रॉली के निचले हिस्से में लोहे की चादरों को वेल्डिंग कर बनाया गया एक बड़ा गुप्त बॉक्स मिला. जब उसे खोला गया तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गये. तहखाने के भीतर विदेशी शराब, बीयर के कार्टन और देसी शराब की बोतलें ठूंस-ठूंस कर छिपाकर रखी गयी थीं. बरामद शराब की कुल मात्रा 233.5 लीटर बतायी गयी है.

तस्करों की इंजीनियरिंग भी हुई फेल

पुलिस के अनुसार शराब माफिया अब सिर्फ नए रास्तों का ही नहीं, बल्कि वाहनों के स्वरूप में बदलाव कर तस्करी के नये तरीके अपना रहे हैं. ट्रॉली के नीचे मोटी लोहे की चादरों को इस तरह वेल्डिंग कर फिट किया गया था कि बाहर से देखने पर वह सामान्य चेसिस का हिस्सा लगे. हालांकि, पुलिस की सटीक सूचना और सतर्कता के आगे तस्करों की यह हाईटेक ‘इंजीनियरिंग’ भी फेल हो गयी. फिलहाल पुलिस फरार चालक और शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है.

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Published by: Amit kumar singh_pt

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