औरंगाबाद पुलिस द्वारा मानव व्यापार, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के लिए विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान 25 जुलाई तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा. अभियान का उद्देश्य लोगों को इन गंभीर अपराधों के प्रति जागरूक करना और समाज को शोषणमुक्त बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है.
कई थाना क्षेत्रों में लोगों को किया गया जागरूक
अभियान के तहत उपहारा, कंचनपुर, नवीनगर सहित अन्य थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और ग्रामीण इलाकों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया. इस दौरान लोगों को मानव तस्करी, बाल श्रम और बंधुआ मजदूरी के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई. साथ ही बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई.
मानव तस्करी और बाल श्रम को बताया गंभीर अपराध
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम कानूनन गंभीर अपराध हैं. यदि किसी बच्चे से जबरन मजदूरी कराई जा रही हो या किसी व्यक्ति को बंधुआ मजदूरी के लिए मजबूर किया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके.
सुरक्षित और शोषणमुक्त समाज बनाने की अपील
पुलिस ने कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक तभी संभव है, जब आम नागरिक भी जागरूक होकर प्रशासन का सहयोग करें. बिहार पुलिस ने लोगों से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और सुरक्षित, जागरूक तथा शोषणमुक्त समाज के निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है.
