औरंगाबाद शहर में सोमवार को शिव शिष्य परिवार की ओर से शिव शिष्या नीलम दीदी के जन्मदिन के अवसर पर पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई. इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित करना था. रैली में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष शिव शिष्यों ने उत्साह के साथ भाग लिया.
हाथों में पौधे लेकर पर्यावरण बचाने का दिया संदेश
रैली में शामिल सभी शिव शिष्यों के हाथों में पौधे थे. इन पौधों के माध्यम से लोगों को हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया. प्रतिभागियों ने कहा कि पेड़-पौधे जीवन के लिए बेहद जरूरी हैं और इनके संरक्षण के बिना सुरक्षित भविष्य की कल्पना नहीं की जा सकती.
गांधी मैदान से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली
पर्यावरण जागरूकता रैली की शुरुआत शहर के गांधी मैदान से हुई. इसके बाद शिव शिष्य विभिन्न मार्गों से होते हुए धर्मशाला मोड़, सब्जी मंडी, रमेश चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों से गुजरे. रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया.
नारों से गूंजा शहर, लोगों से पौधे लगाने की अपील
रैली के दौरान शिव शिष्यों ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई नारे लगाए. "सांसे हो रही कम - आओ लगाएं पेड़ हम", "पेड़ लगाओ - पर्यावरण बचाओ" और "हरियाली से ही खुशहाली" जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठा.
शिव शिष्यों ने राहगीरों और स्थानीय नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित रखना भी हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है.
बढ़ते प्रदूषण के बीच पर्यावरण संरक्षण जरूरी
शिव शिष्यों ने कहा कि लगातार बढ़ता प्रदूषण, पेड़ों की कटाई और बदलता जलवायु संतुलन चिंता का विषय है. ऐसे में पर्यावरण संरक्षण आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है. अगर हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सकता है.
रैली के दौरान लोगों को दिलाया गया पर्यावरण बचाने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान लोगों को पौधारोपण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई. साथ ही प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प भी दिलाया गया. पूरे आयोजन में अनुशासन, उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला.
शिव शिष्य परिवार की इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश शहरवासियों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया गया.
