देव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार की देर रात बिजली गुल रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली जरूरी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं. रात के समय बिजली नहीं रहने से अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा.
बिजली गुल होने से मरीजों को हुई परेशानी
नगर पंचायत के जंगी मोहल्ला निवासी 80 वर्षीय अन्नपूर्णा कुअर को रविवार की देर रात देव सीएचसी में भर्ती कराया गया था. परिजनों के अनुसार, अस्पताल में बिजली नहीं रहने के कारण इलाज में परेशानी हुई. इसके बाद अन्नपूर्णा कुअर को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.
परिजनों का आरोप है कि अगर देव सीएचसी में समय पर इलाज मिल जाता तो शायद अन्नपूर्णा कुअर की जान बच सकती थी. हालांकि, उनकी मौत के कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
महज 5 की उम्र में औरंगाबाद की श्रुति का अद्भुत टैलेंट, बिना अटके करती हैं शिव तांडव और रुद्राष्टकम का पाठ
कई अन्य मरीज भी रहे परेशान
बिजली गुल रहने के दौरान भवानीपुर की मनीषा कुमारी समेत कई अन्य मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा. रात के समय अस्पताल में बिजली नहीं रहने का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया.
औरंगाबाद में नए जिला युवा अधिकारी ने संभाला पद, जानिए माय भारत योजना से युवाओं को कैसे मिलेगा रोजगार औ सीधा फायदा
लोगों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में आउटसोर्सिंग के नाम पर सरकार लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसके बावजूद बिजली जैसी मूलभूत सुविधा प्रभावित हो रही है. लोगों ने बिजली गुल होने के पीछे आउटसोर्सिंग संचालक की लापरवाही का आरोप लगाया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने, लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पताल में निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
स्वास्थ्य प्रबंधक ने कही जांच की बात
मामले को लेकर स्वास्थ्य प्रबंधक विकास रंजन ने कहा कि अस्पताल में बिजली और जनरेटर की व्यवस्था उपलब्ध है. बिजली कटने के मामले की जांच करवाई जाएगी. जांच में अगर किसी की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.