Aurangabad Jaljamav Samasya: तरार पंचायत के तरार जयप्रकाश नगर महादलित टोला में करीब चार वर्षों से बनी भीषण जलजमाव की समस्या के समाधान की दिशा में प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है. मंगलवार को सीओ सतीश कुमार सिंह, राजस्व अधिकारी रोहित कुमार एवं थानाध्यक्ष विकास कुमार स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से समस्या की जानकारी ली. इसके बाद अंचल अमीन अजय कुमार एवं सत्य प्रकाश की ओर से स्थल पर जमीन की मापी करायी गयी.
सरकारी जमीन चिह्नित कर हटाया जायेगा अवरोध
सीओ सतीश कुमार सिंह ने बताया कि मापी के माध्यम से सरकारी जमीन को चिह्नित किया जा रहा है. पहले चरण में जल निकासी के रास्ते में बने अवरोध को हटवाकर पानी की निकासी कराने का प्रयास किया जायेगा. इसके बाद समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकारी योजना के माध्यम से नाला या नाली निर्माण कराने की दिशा में पहल की जायेगी.
स्थायी समाधान तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने और स्थल की मापी कराये जाने के बावजूद ग्रामीणों की नाराजगी बरकरार है. पूर्व सरपंच एवं ग्रामीण अमित कुमार यादव, रामश्लोक यादव, वार्ड सदस्य नवीन कुमार, अजीत कुमार, कुमकुम खां समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जलजमाव की समस्या को लेकर पूर्व में भी कई बार जमीन की मापी करायी जा चुकी है, लेकिन अब तक जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं हुआ.
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व की घोषणा के अनुसार बुधवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी किया जायेगा.
चार साल से जमा है गंदा पानी
ग्रामीणों के अनुसार, करीब चार वर्षों से टोले में भीषण जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. घरों के आसपास गंदा पानी जमा रहने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जलजमाव से पेयजल स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने इससे बीमारी फैलने की आशंका जताते हुए तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है.
सहयोग शिविर में भी दिया सामूहिक आवेदन
तरार पंचायत भवन में आयोजित सहयोग शिविर में भी ग्रामीणों ने जलजमाव की समस्या को लेकर सामूहिक आवेदन दिया था. अमित कुमार, आलोक कुमार, जितेंद्र कुमार, अजीत कुमार, मनोज कुमार, मनोज चंद्रवंशी एवं मोती भुंईया के संयुक्त हस्ताक्षर वाले आवेदन में कहा गया है कि महादलित टोला में भीषण जलजमाव के कारण करीब 100 घरों में महामारी फैलने की प्रबल आशंका बनी हुई है.
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के सरकारी जलाशय को भरकर कब्जा कर लिया गया है. इसके अलावा मुख्य नाले को भी मिट्टी भरकर बंद कर दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि गांव के अन्य सरकारी जलाशय भी अतिक्रमण की चपेट में हैं.
नाले में मिट्टी भरने से बाधित हुई जल निकासी
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य सड़क के दोनों ओर सरकारी जमीन में नाला था, जिससे गांव के नाली के पानी की निकासी होती थी. आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा नाले में मिट्टी भरकर अतिक्रमण किये जाने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गयी. इसके बाद पूरे टोले में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी.
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में एसडीओ, सीओ और बीडीओ को भी आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों ने प्रशासन से जनहित में तत्काल कार्रवाई कर जलजमाव से मुक्ति दिलाने के साथ सभी सरकारी जलाशयों की उड़ाही कराने की मांग की है.
ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासनिक स्तर पर करायी गयी मापी के बाद जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कार्रवाई होगी.
इसे भी पढ़ें: सारण में अजगर को शरीर पर लपेटकर करतब दिखाने का VIDEO वायरल, वन विभाग ने शुरू की कार्रवाई; मझनपूरा के चरण सिंह पर नजर
