औरंगाबाद: दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में शुरू हुआ डायलिसिस सेंटर, किडनी मरीजों को बड़ी राहत

Aurangabad News: औरंगाबाद के दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में किडनी रोगियों के लिए बहुप्रतीक्षित डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ हो गया है. इस नई सुविधा से स्थानीय मरीजों को बड़ी राहत मिली है, जो अब पटना या महंगे निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने से बचेंगे.

Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में किडनी रोगियों के लिए बहुप्रतीक्षित डायलिसिस सेंटर की शुरुआत हो गई है. इस सुविधा के शुरू होने से दाउदनगर अनुमंडल सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को अब डायलिसिस के लिए पटना, औरंगाबाद सदर अस्पताल या महंगे निजी अस्पतालों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होने से मरीजों का समय, पैसा और परेशानी तीनों की बचत होगी.

पहले मरीज का सफल डायलिसिस

अस्पताल की प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. शांता कुमारी ने अस्पताल परिसर में स्थापित डायलिसिस सेंटर की विधिवत शुरुआत कराई. इस विशेष अवसर पर अस्पताल प्रबंधक ठाकुर चंदन सिंह, अपोलो डायलिसिस के ऑपरेशन मैनेजर एजाज अहमद, सीनियर टेक्नीशियन चंदन कुमार पटेल तथा लिपिक विकास कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे. सेंटर की शुरुआत के साथ ही दाउदनगर बाजार निवासी एक मरीज का सफलतापूर्वक डायलिसिस भी किया गया.

तीन अतिरिक्त मशीनें भी तैयार

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल दो बेड वाले डायलिसिस सेंटर से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई हैं. इसके अलावा तीन अतिरिक्त अत्याधुनिक डायलिसिस मशीनें भी मंगाकर बैकअप में रखी गई हैं. जैसे-जैसे पंजीकृत मरीजों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे बेड और एक्टिव मशीनों की संख्या में भी वृद्धि की जाएगी. सेंटर में मरीजों के लिए एयर कंडीशनर लगाने सहित अन्य बुनियादी कार्य तेजी से पूरे कराए जा रहे हैं.

तकनीकी स्टाफ की हुई तैनाती

प्रारंभिक चरण में सेंटर के सुचारू संचालन के लिए एक प्रशिक्षित टेक्नीशियन और एक अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की स्थाई तैनाती की गई है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में मरीजों की संख्या और लोड बढ़ने पर आवश्यकतानुसार अतिरिक्त तकनीकी एवं नर्सिंग कर्मियों की भी तत्काल नियुक्ति की जाएगी, ताकि इलाज के लिए आने वाले किडनी रोगियों को किसी प्रकार की प्रशासनिक या चिकित्सीय असुविधा न हो.

पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन

यह डायलिसिस सेंटर बिहार सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के विकेंद्रीकरण की दिशा में उठाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अनुमंडलीय अस्पताल दाउदनगर में इसे पीपीपी (लोक-निजी साझेदारी) मॉडल के तहत अपोलो के सहयोग से संचालित किया जा रहा है. इससे क्षेत्र के गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही इलाके में उपलब्ध होंगी.

पड़ोसी जिलों को भी लाभ

इस आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा का लाभ केवल दाउदनगर के स्थानीय मरीजों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ओबरा, गोह, हसपुरा सहित आसपास के सभी संबंधित प्रखंडों के किडनी रोगियों को भी मिलेगा. इसके अलावा अरवल और रोहतास जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले गंभीर मरीज भी इस सेंटर का लाभ उठा सकेंगे. स्थानीय स्तर पर डायलिसिस शुरू होने से परिजनों ने बड़ी राहत की सांस ली है.

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Author: Om prakash

Published by: Vikash Jha

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